भरत तिवारी के भाई को पुलिस ने किया सस्पेंड, मोतिहारी SP का बड़ा एक्शन

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में मोतिहारी पुलिस का बड़ा एक्शन सामने आया है। मोतिहारी पुलिस लाइन में तैनात सिपाही आशीष कुमार तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया है।

भरत तिवारी के भाई को पुलिस ने किया सस्पेंड, मोतिहारी SP का बड़ा एक्शन
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: Jun 27, 2026, 10:29:00 AM

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में मोतिहारी पुलिस का बड़ा एक्शन सामने आया है। मोतिहारी पुलिस लाइन में तैनात सिपाही आशीष कुमार तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया है। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव की घटना के बाद यह कार्रवाई की गई है। आशीष तिवारी ने खुद को भरत तिवारी का भाई बताते हुए कई दावे किए थे और एनकाउंटर को लेकर भी सवाल उठाए थे। जिसके बाद विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू की थी। अब उसे निलंबित कर दिया गया है।  

मोतिहारी पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए सिपाही आशीष कुमार तिवारी को निलंबित किया है। बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली 2026 के उल्लंघन का आरोप है। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव की घटना के बाद यह कार्रवाई हुई है। मोतिहारी पुलिस लाइन में तैनात सिपाही आशीष कुमार तिवारी पर सोशल मीडिया पर विभाग के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप है। पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने का भी आरोप लगाया है।

निलंबित सिपाही रिश्ते में मृतक भरत तिवारी का भाई है। रिजर्व गार्ड ड्यूटी के दौरान अभद्र व्यवहार और हमला करने का मामला सामने आया था। पिपराकोठी थाना में सरकारी पिस्तौल से फायरिंग का भी आरोप लगा था। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद निलंबन का आदेश जारी हुआ है। मोतिहारी पुलिस ने विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि मामले की जांच संबंधित डीएसपी से कराई गई थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए सिपाही आशीष कुमार तिवारी को निलंबित कर दिया। मोतिहारी पुलिस लाइन में तैनात सिपाही आशीष कुमार तिवारी ने एनकाउंटर को लेकर सवाल उठाए और यहां तक कह दिया था कि जरूरत पड़ी तो वह नौकरी भी छोड़ देंगे।

आशीष कुमार तिवारी के खिलाफ पहले भी अनुशासनहीनता से जुड़े मामले सामने आए थे। हरपुर और पिपराकोठी थाना में तैनाती के दौरान उनके आचरण को लेकर विभागीय स्तर पर शिकायतें मिली थीं। जांच के दौरान इन मामलों को भी शामिल किया गया। मोतिहारी पुलिस का कहना है कि सेवा में रहते हुए किसी पुलिसकर्मी का सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर इस तरह के बयान देना सेवा आचरण नियमों के विरुद्ध पाया गया।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संबंधित पुलिसकर्मी पर पूर्व में भी अनुशासनहीनता और अभद्र व्यवहार से जुड़े मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। मोतिहारी पुलिस ने कहा है कि सरकारी सेवक आचरण नियमों के उल्लंघन और विभाग की छवि धूमिल करने वाले मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ग्राम बिलौटी, थाना शाहपुर, जिला भोजपुर में हुई घटना के बाद सिपाही आशीष कुमार तिवारी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई ऐसे पोस्ट किए, जिन्हें पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता, मनमानी तथा सरकारी सेवक आचार नियमों का उल्लंघन माना। पुलिस का कहना है कि इन पोस्टों से विभाग की गरिमा और छवि प्रभावित हुई।

मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), मोतिहारी से कराई गई। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद सिपाही आशीष कुमार तिवारी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई। प्रेस विज्ञप्ति में सिपाही आशीष कुमार तिवारी के खिलाफ पहले दर्ज दो गंभीर मामलों का भी उल्लेख किया गया है। 

पहला मामला (7 जनवरी 2023)

जब वे हरसपुर थाना क्षेत्र में रिवर गार्ड में प्रतिनियुक्त थे, तब रात करीब 10 बजे थाना परिसर में पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के साथ अभद्र एवं अश्लील भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगा। विरोध करने पर उन्होंने राइफल खोजने की बात कही और राइफल नहीं मिलने पर चाकू से हमला कर गृहरक्षक सुरेश राम को घायल कर दिया। इस मामले में विभागीय कार्रवाई के बाद उनकी एक वेतन वृद्धि छह महीने के लिए रोक दी गई थी।

दूसरा मामला (16 अगस्त 2024)

जब उनकी प्रतिनियुक्ति पिपराकोठी थाना में थी, तब रात 11:44 बजे थाना पहुंचकर उन्होंने कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया। विरोध करने पर सरकारी पिस्टल चौकीदार की ओर तान दी। बीच-बचाव करने पहुंचे अन्य पुलिसकर्मियों पर भी पिस्टल तानने और फायरिंग करने का आरोप लगाया गया। हालांकि गोली फंस जाने के कारण कोई बड़ी घटना नहीं हुई। इस मामले में उनके खिलाफ पिपराकोठी थाना कांड संख्या-173/24 दर्ज हुआ। विभागीय कार्रवाई में उनकी दो वेतन वृद्धि रोक दी गई, जबकि आपराधिक मामले में आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया जा चुका है और मामला विचाराधीन है।

पुलिस मुख्यालय का कहना है कि बिलौटी प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियां सरकारी सेवक के आचरण नियमों के विपरीत थीं। इन्हीं पोस्टों के आधार पर जांच कराई गई और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर निलंबन की कार्रवाई की गई। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि बिहार पुलिस अनुशासन और सरकारी सेवक आचार नियमों के पालन को लेकर प्रतिबद्ध है। विभाग की छवि धूमिल करने या नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।