लखीसराय में पूर्व डीएम के कार्यकाल की जांच शुरू, ईओयू टीम आज से खंगालेगी फाइलें

लखीसराय में पूर्व डीएम के कार्यकाल की जांच शुरू, ईओयू टीम आज से खंगालेगी फाइलें

लखीसराय में पूर्व डीएम के कार्यकाल की जांच शुरू, ईओयू टीम आज से खंगालेगी फाइलें
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 09, 2026, 10:40:00 AM

बिहार के लखीसराय जिले में प्रशासनिक कार्यों को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने पूर्व जिलाधिकारी मिथिलेश कुमार के कार्यकाल की जांच प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ व्यक्तियों द्वारा की गई लिखित शिकायतों के आधार पर पटना स्थित ईओयू मुख्यालय ने यह कार्रवाई शुरू की है। मिथिलेश कुमार, जो 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, इससे पहले मध्याह्न भोजन योजना से भी जुड़े रहे हैं।

ईओयू की विशेष टीम गुरुवार सुबह करीब 10 बजे जिला समाहरणालय पहुंचकर जांच प्रक्रिया की शुरुआत करेगी। सबसे पहले टीम डिप्टी कलेक्टर शशि भूषण कुमार के पास उपलब्ध शस्त्र लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल करेगी। बीते एक वर्ष से अधिक अवधि के दौरान जारी किए गए लाइसेंसों की फाइलों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी।

इसके बाद जांच दल खेल विभाग की ओर रुख करेगा, जहां जिला खेल पदाधिकारी मीनल रंजन से संबंधित अभिलेखों की जांच की जाएगी। कला, संस्कृति और खेल गतिविधियों से जुड़े कार्यक्रमों की प्रक्रिया, दस्तावेजों की वैधता और पारदर्शिता को परखा जाएगा। अधिकारियों के कार्य निष्पादन और नियमों के अनुपालन का भी आकलन किया जाएगा।

ईओयू की यह जांच केवल सीमित विभागों तक नहीं रहेगी, बल्कि जिले के सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। टीम यह समझने का प्रयास करेगी कि संबंधित अवधि में विकास योजनाओं का क्रियान्वयन किस प्रकार हुआ और उसमें नियमों का पालन किस हद तक किया गया। हर विभाग की फाइलों को क्रमवार जांच के दायरे में लाया जाएगा।

जांच के दौरान धान खरीद से जुड़े मामलों को भी विशेष महत्व दिया जाएगा। इससे संबंधित अभिलेखों और प्रक्रियाओं की गहन छानबीन की जाएगी, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की स्थिति स्पष्ट हो सके। माना जा रहा है कि यह जांच अभियान कई दिनों तक चल सकता है।

इस बीच, प्रशासन ने मिथिलेश कुमार को लखीसराय के डीएम पद से हटा दिया है और उन्हें पटना सचिवालय की सामान्य शाखा में पदस्थापित किया गया है। जांच के दौरान उन्हें अवकाश भवन में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

नई नियुक्ति को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। संभावना जताई जा रही है कि जिले की कमान फिलहाल आसपास के किसी आईएएस अधिकारी को सौंपी जा सकती है। जांच पूरी होने के बाद आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।