गोपालगंज में फर्जी ऑनलाइन उपस्थिति पर बड़ा एक्शन, 33 शिक्षक और हेडमास्टर निलंबित

गोपालगंज में फर्जी ऑनलाइन उपस्थिति पर बड़ा एक्शन, 33 शिक्षक और हेडमास्टर निलंबित

गोपालगंज में फर्जी ऑनलाइन उपस्थिति पर बड़ा एक्शन, 33 शिक्षक और हेडमास्टर निलंबित
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 17, 2026, 11:02:00 AM

बिहार के गोपालगंज जिले में इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर संदिग्ध तरीके से ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जांच में यह खुलासा होने के बाद कि कई शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों ने विद्यालय पहुंचे बिना दूरस्थ स्थानों से अपनी उपस्थिति दर्ज की, प्रशासन ने 33 संबंधित कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने मामले को गंभीर अनियमितता मानते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार को सभी आरोपित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है। साथ ही तीन दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट समाहरणालय में जमा करने को कहा गया है।

यह मामला तब उजागर हुआ जब 13 मई को जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा इ-शिक्षाकोष पोर्टल की समीक्षा की गई। तकनीकी जांच के दौरान पाया गया कि 11 मई को 15 और 12 मई को 18 शिक्षकों ने विद्यालय परिसर से करीब 100 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी पर रहते हुए अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की थी। इससे यह आशंका मजबूत हुई कि कई शिक्षकों ने स्कूल आए बिना ही डिजिटल माध्यम से हाजिरी लगा दी।

प्रशासन ने इसे सरकारी कार्यप्रणाली में गंभीर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा है। सभी संबंधित शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों से दो दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनसे पूछा गया है कि उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा के भीतर जवाब नहीं मिला या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो विभाग एकतरफा निर्णय लेते हुए सख्त कार्रवाई करेगा।

इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन अब इ-शिक्षाकोष पोर्टल की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है। अधिकारियों का मानना है कि जांच का दायरा बढ़ने पर अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।

सरकारी विद्यालयों में पारदर्शिता, जवाबदेही और शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन की यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।