गयाजी में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की मांग, जदयू नेता ने मंत्री के समक्ष रखीं अस्पतालों की प्रमुख समस्याएं
गयाजी में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की मांग, जदयू नेता ने मंत्री के समक्ष रखीं अस्पतालों की प्रमुख समस्याएं
गयाजी जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सरकारी अस्पतालों की कार्यक्षमता बढ़ाने को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता तथा जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) के सदस्य डॉ. जितेंद्र कुमार ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़ी चुनौतियों और आवश्यक सुधारों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में डॉ. कुमार ने कहा कि जिले में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों के बुनियादी ढांचे और प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करना जरूरी है। उन्होंने जय प्रकाश नारायण अस्पताल की स्थिति का उल्लेख करते हुए वहां नियमित सफाई, रखरखाव और प्रशासनिक निगरानी को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता बताई, ताकि मरीजों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिल सकें।
इसके अलावा उन्होंने प्रभावती अस्पताल में चिकित्सकों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि अस्पताल में स्वीकृत पदों की तुलना में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और महिला चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता और कई मामलों में उन्हें अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस स्थिति का सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों पर पड़ता है, जिन्हें अतिरिक्त खर्च और असुविधा झेलनी पड़ती है।
डॉ. जितेंद्र कुमार ने गौतम बुद्ध कुष्ठ अस्पताल से जुड़े सुरक्षा और भूमि संरक्षण के विषय भी मंत्री के समक्ष रखे। उन्होंने अस्पताल परिसर की सुरक्षा मजबूत करने के लिए चारदीवारी निर्माण कराने तथा अस्पताल की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की। उनका कहना था कि स्वास्थ्य संस्थानों की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है जितना चिकित्सा सेवाओं का विस्तार।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित मामलों की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि गया जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाया जा सके।