बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान हम पार्टी के प्रत्याशी के समर्थकों के साथ मारपीट के आरोप में गया के अतरी विधानसभा के पूर्व विधायक अजय यादव उर्फ रंजीत यादव ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। रंजीत यादव पर हम पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप है।
सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक दबाव के चलते रंजीत यादव ने कोर्ट में सरेंडर किया। पुलिस उन्हें 10 नवंबर से तलाश रही थी। कोर्ट ने आगे की कार्रवाई करते हुए उन्हें सिविल कोर्ट के माध्यम से सेंट्रल जेल भेज दिया। पूर्व विधायक के कोर्ट में सरेंडर की खबर के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
बिहार चुनाव 2025 के प्रचार के दौरान रंजीत यादव पर आरोप था कि उन्होंने हम पार्टी के प्रत्याशी रोमित कुमार के समर्थकों पर हमला किया। इस घटना में दो कार्यकर्ता, श्रवण मांझी और धीरज शर्मा, घायल हुए और उनका इलाज गया में कराया गया।
घटना के बाद श्रवण मांझी ने नीमचक बथानी थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसमें रंजीत यादव को आरोपी बनाया गया। इस दौरान वोटर लिस्ट बांटने निकले हम पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमला करने की बात सामने आई। जदयू नेता जीतन राम मांझी ने इसे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक घटना करार दिया।
अतरी विधानसभा पर रंजीत यादव के परिवार का दशकों से कब्जा रहा है। उनके पिता बाहुबली राजेंद्र यादव कई बार विधायक रहे, जबकि उनकी माता कुंती देवी भी विधायक रही थीं। कुंती देवी के निधन के बाद रंजीत यादव विधायक बने। इस बार 2025 के विधानसभा चुनाव में राजद ने रंजीत यादव की भाभी वैजयंती देवी को मैदान में उतारा, लेकिन वह चुनाव हार गई और रोमित कुमार ने सीट जीती।
रंजीत यादव के पिता राजेंद्र यादव वर्तमान में सजायाफ्ता हैं और भागलपुर सेंट्रल जेल में सजा काट रहे हैं। उनके परिवार का राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रहा है।