दरभंगा में पटना के दारोगा को मारी गोली, उग्र भीड़ ने आरोपी को फरसा से काटकर मार डाला
बिहार के दरभंगा जिले में शुक्रवार को अपराधियों ने पटना में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय भीड़ ने हमलावर को मौके पर ही दबोच लिया और फरसा से काटकर उसकी जान ले ली।
बिहार के दरभंगा जिले के बहादुरपुर थानाक्षेत्र के ओझौल गांव में शुक्रवार को अपराधियों ने पटना में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय भीड़ ने हमलावर को मौके पर ही दबोच लिया और फरसा से काटकर उसकी जान ले ली। इस हत्याकांड और जानलेवा हमले के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव है और पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है।
घायल दारोगा की पहचान ओझौल गांव निवासी मो. इलियास के पुत्र मो. मोबिन (40 वर्ष) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में पटना सिविल कोर्ट में तैनात थे। वह दो दिन पहले ही छुट्टी पर अपने घर आए थे। उन्हें गंभीर हालत में दरभंगा शहर के अल्लपट्टी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वहीं, भीड़ के गुस्से का शिकार बने मृतक आरोपित की पहचान गांव के ही दिलीप सहनी के पुत्र सुनील सहनी (27 वर्ष) के रूप में की गई है। पुलिस ने घटनास्थल से दो खोखा और खून से लथपथ फरसा बरामद किया है। हालांकि, घटना के दौरान भीड़ में शामिल कोई अज्ञात शख्स सुनील की पिस्टल लेकर फरार हो गया।
घटना के संबंध में बताया जाता है कि कुख्यात सुनील सहनी शुक्रवार की अहले सुबह अपने कुछ साथियों के साथ गांव लौटा था। इमामबाड़ा के पास मुहर्रम को लेकर लगाई गई लाइटिंग को देखकर वह अचानक भड़क गया। उसने अपनी पिस्टल निकाली और फायरिंग कर सभी लाइटों को फोड़ दिया। इसी बीच सुबह की नमाज पढ़कर लौट रहे ग्रामीणों ने जब उसकी इस हरकत का विरोध किया, तो सुनील उनसे मारपीट और गाली-गलौज करने लगा। विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद दारोगा मो. मोबिन ने बीच-बचाव करते हुए सुनील को शांत रहने और ऐसी हरकत न करने की नसीहत दी। इस बात से नाराज होकर सुनील ने सीधे दारोगा के पेट में गोली मार दी। गोली लगते ही मो. मोबिन लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। दारोगा को गोली लगते ही वहां मौजूद ग्रामीण और आस-पास के लोग उग्र हो गए। भीड़ ने भागने की कोशिश कर रहे सुनील सहनी को चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।
आक्रोशित लोगों ने पहले उसकी लाठी-डंडों और लात-घूसों से जमकर धुनाई की और फिर पास में ही रखे फरसा से उस पर ताबड़तोड़ वार कर उसे काट डाला। अत्यधिक खून बहने और गंभीर चोटों के कारण सुनील की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस खूनी संघर्ष की जड़ें तीन साल पुराने एक प्रेम विवाह से जुड़ी हैं। सुनील ने तीन साल पहले गांव के ही मो. बिहारी की पुत्री सानिया से प्रेम विवाह किया था, जो दारोगा मो. मोबिन की रिश्तेदार लगती है। इस अंतरधार्मिक विवाह का दोनों पक्षों ने कड़ा विरोध किया था। विवाद के बाद लड़की का परिवार और सानिया सीतामढ़ी जिले के पुपरी में रहने लगे थे, जहां सुनील भी उनके साथ रहता था।
ग्रामीणों ने बताया कि सुनील का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। दो महीने पहले उसने सीतामढ़ी में अपनी ही पत्नी सानिया को भी गोली मार दी थी और तब से वह फरार चल रहा था। उसकी हरकतों से तंग आकर उसके अपने माता-पिता भी गांव छोड़कर बेगूसराय के सिमरिया में मजदूरी कर गुजर-बसर कर रहे हैं। ओझौल गांव स्थित दोनों के घरों में कोई नहीं रहता था। कुछ दिनों पहले ही सुनील ने गांव के एक अन्य युवक को भी गोली मारकर घायल कर दिया था, लेकिन उसके खौफ के कारण कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने स्वयं ओझौल गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है। उन्होंने स्थानीय एसडीपीओ को मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और त्वरित कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं। सुरक्षा के लिहाज से गांव के साथ-साथ दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। बहादुरपुर थाना प्रभारी प्रसुनजय कुमार ने बताया कि मृतक सुनील सहनी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वारदात के वक्त उसके साथ आए दोस्तों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। फिलहाल गांव में पुलिस कैंप कर रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
अनूप नारायण सिंह