'नमक-रोटी खाकर भी साथ रहेंगे' हादसे में दोनों हाथ गंवाने वाले बक्सर के दीपक को मिला आगरा की सोना जैसी हमसफर, सच्चे प्रेम...

रेल हादसे में दोनों हाथ गंवाने वाले बक्सर के दीपक को आगरा की सोना का साथ मिला है। इस लव स्टोरी ने सच्चे प्रेम, समर्पण और हौसले की एक अनूठी मिसाल पेश की है। इस अनूठे लव स्टोरी की खूब चर्चा हो रही है।

'नमक-रोटी खाकर भी साथ रहेंगे' हादसे में दोनों हाथ गंवाने वाले बक्सर के दीपक को मिला आगरा की सोना जैसी हमसफर, सच्चे प्रेम...
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: Jun 27, 2026, 6:57:00 PM

प्यार कब, कहां और कैसे हो जाए ये कोई नहीं कह सकता।प्यार की न तो कोई उम्र होती और न ही सीमा, इसका न तो कोई मजहब होता है और न ही धर्म। शायद यही प्यार की खूबसूरती भी है। किसी को पहली बार में ही सच्चा प्यार मिल जाता है तो किसी को इसकी तलाश में ताउम्र भटकना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला बिहार के बक्सर जिले से आया है। रेल हादसे में दोनों हाथ गंवाने वाले बक्सर के दीपक को आगरा की सोना का साथ मिला है। इस लव स्टोरी ने सच्चे प्रेम, समर्पण और हौसले की एक अनूठी मिसाल पेश की है। इस अनूठे लव स्टोरी की खूब चर्चा हो रही है।  

बक्सर जिले के पुराना भोजपुर निवासी दीपक कुमार गुजरात के राजकोट में एक सूटकेस कंपनी में काम करते थे। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा दीपक की पूरी जिंदगी एक हादसे ने बदल दी। अप्रैल 2025 में घर लौटते समय ट्रेन दुर्घटना में उनके दोनों हाथ कट गए। लंबा इलाज चला, लाखों रुपये खर्च हुए और जिंदगी अचानक अब दूसरों के सहारे पर आ गई। हालांकि दीपक ने हार मानने के बजाय खुद को फिर से खड़ा करने का फैसला किया।

हादसे के बाद गांव लौटे दीपक ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उन्होंने अपनी संघर्षभरी जिंदगी, हौसले और आत्मविश्वास की कहानी लोगों तक पहुंचानी शुरू की। धीरे-धीरे उनके वीडियो लाखों लोगों तक पहुंचने भी लगे। लोग उनके हौसले की तारीफ भी कर रहे थे। इसी दौरान आगरा की रहने वाली सोना मोहरिया को भी दीपक का यह समर्पण पसंद आ गया।    

सोशल मीडिया के जरिए शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, लेकिन समय के साथ यह रिश्ता विश्वास, अपनापन और फिर प्रेम में बदल गया। सोना ने दीपक की शारीरिक कमी नहीं, बल्कि उनके जज्बे, आत्मसम्मान और संघर्ष को देखा। और दुनिया की परवाह किए बिना उन्होंने दीपक का जीवनसाथी बनाने का निर्णय ले लिया। दोनों ने पहले कोर्ट मैरिज की और बाद में पूरे रीति-रिवाज के साथ हमेशा के लिए एक दूजे के हो गए। 

दीपक के परिवार ने इस रिश्ते को खुशी-खुशी स्वीकार किया। हालांकि, सोना को परिवार को मनाने में काफी मेहनत करनी पड़ी।  शुरुआत में परिवार ने इस फैसले का समर्थन नहीं किया, लेकिन सोना का एक वाक्य आज हजारों लोगों के दिल को छू रहा है। उनका कहना है-दीपक जैसे भी हैं, मेरे हैं। अगर जिंदगी में नमक-रोटी भी मिले, तो भी मैं उनके साथ खुशी-खुशी पूरी जिंदगी निभाऊंगी। इस कहानी से बता दिया कि आजकल भी सच्चा प्यार मिल सकता है। यह उस प्रेम की मिसाल है जो स्वार्थ नहीं, समर्पण पर टिका होता है। दीपक और सोना की लव स्टोरी प्रेमी जोड़ों के लिए एक मिसाल बनकर सामने आया है। सोशल मीडिया ही नहीं हर जगह इस लव स्टोरी की चर्चा हो रही है।