सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनते ही अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन जारी है। एक तरह ऑपरेशन लंगड़ा अभियान चल रहा है तो दूसरी ओर पुलिस पर हमला करने वालों का एनकाउंटर भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की 'गोली चलाओगे तो गोली खाओगे' नीति का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। पुलिस के एक्शन से घबराकर अब अपराधी सरेंडर कर रहे हैं। भागलपुर जिले के सुलतानगंज थाना क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसकी खूब चर्चा हो रही है।
दरअसल भागलपुर के सुलतानगंज थाना क्षेत्र में एक कुख्यात अपराधी ने गंगा में हथियार विसर्जित कर अपराध की दुनिया छोड़ने की कसम खाई है। सुलतानगंज थाना क्षेत्र में कुख्यात अपराधी कैलाश मंडल ने गंगा घाट पर पूजा-अर्चना कर अपने हथियार का विसर्जन कर दिया और अपराध छोड़ने की कसम खाई। हत्या, रंगदारी समेत कई गंभीर मामलों में जेल जा चुका कैलाश हाल ही में जेल से बाहर आया था।
कुख्यात अपराधी कैलाश मंडल ने गंगा घाट पर पूजा-अर्चना कर अपने हथियार का विसर्जन कर दिया और अपराध की दुनिया छोड़ने की कसम खाई। कैलाश मंडल ने पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ गंगा तट पर पूजा की। इसके बाद उसने हथियार को गंगा नदी में प्रवाहित करते हुए प्रण लिया कि अब वह कभी अपराध की राह पर नहीं लौटेगा और सामान्य जीवन जिएगा। इसका वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि कैलाश मंडल का नाम इलाके के कुख्यात अपराधियों में गिना जाता रहा है। उस पर हत्या, रंगदारी और कई गंभीर आपराधिक मामलों के केस दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह कई बार जेल भी जा चुका है। हाल ही में जेल से बाहर आने के बाद लगातार बिहार पुलिस की कार्रवाई और कई एनकाउंटर के बाद उसके अंदर डर और बदलाव दोनों पैदा हुए।
इलाके के लोगों का कहना है कि पहले कैलाश मंडल का नाम सुनकर लोग सहम जाते थे, लेकिन अब वही अपराधी सार्वजनिक रूप से हथियार छोड़कर अपराधमुक्त जीवन जीने की बात कर रहा है। जब कैलाश मंडल हथियार लेकर गंगा घाट पहुंचा तो वहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। पूजा-अर्चना और हथियार विसर्जन का वीडियो भी लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इलाके में घटना की खूब चर्चा हो रही है।