कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और जमीनी कार्यकर्ताओं को नेतृत्व में आगे लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, बिहार के प्रभारी महासचिव कृष्णा अल्लावरू, पार्टी के वार रूम प्रभारी और सांसद शशिकांत सैंथिल तथा वामसी रेड्डी ने प्रस्तावित पैनल में शामिल नामों पर विस्तृत मंथन किया।
बैठक के दौरान संगठन से जुड़े विभिन्न स्तरों के संभावित नेताओं के नामों का मूल्यांकन किया गया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य ऐसे कार्यकर्ताओं और नेताओं को जिम्मेदारी देना है, जिन्होंने लंबे समय से पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है और जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की पहल पर यह प्रक्रिया शुरू की गई है। इसका मकसद संगठन में नई ऊर्जा का संचार करना और उन कार्यकर्ताओं को नेतृत्व का अवसर देना है जो लंबे समय से क्षेत्रीय स्तर पर पार्टी के लिए काम कर रहे हैं।
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि जमीनी स्तर से जुड़े और संगठन के प्रति निष्ठावान नेताओं को जिला स्तर पर जिम्मेदारी मिलने से पार्टी की संरचना और मजबूत होगी तथा स्थानीय स्तर पर संगठन की पकड़ भी बेहतर होगी।