यहां-यहां मारी गई थी 5 गोलियां, भरत तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मचा हड़कंप

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक भरत तिवारी को तीन नहीं बल्कि पांच गोलियां मारी गईं थी।

यहां-यहां मारी गई थी 5 गोलियां, भरत तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मचा हड़कंप
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: Jun 27, 2026, 3:06:00 PM

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक भरत तिवारी को तीन नहीं बल्कि पांच गोलियां मारी गईं थी। पुलिस के दावे से इतर परिवार का दावा सही पाया गया। पहले भरत तिवारी को तीन गोली लगने की बात कही जा रही थी। हालांकि उनकी बहन की ओर से दावा किया गया था कि भरत तिवारी को पांच गोलियां मारी गई है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक भरत तिवारी को जांघ में चार गोलियां लगी, जबकि एक गोली बांयें पैर में लगी है। पहली गोली बाईं जांघ के ऊपरी अगले हिस्से में लगी। दूसरी गोली भी बाएं जांघ के मध्य भाग में भीतर की तरफ लगी पाई गई। तीसरी गोली दाईं जांघ के बीच के अंदरूनी हिस्से में लगी, जबकि चौथी गोली दाहिनी जांघ में बाहरी हिस्से से अंदर की ओर गई थी। इसके अलावा, पांचवीं गोली बाएं पैर के मध्य भाग में पीछे की तरफ से लगी थी।

वहीं भोजपुर एसपी पर परिवार की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। भरत तिवारी की मां-भाई ने एसपी राज पर धमकी देने का आरोप लगाया है। भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी का दावा है कि एसपी ने कहा कि यह सब बंद करो, नहीं तो भाई जैसा अंजाम होगा। वहीं मृतक की मां आशा देवी ने भी एसपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि घटना के करीब आठ दिन बाद एसपी उनके घर आए थे। उनका कहना है कि एसपी ने कहा कि मामले को यहीं खत्म कर दीजिए, मीडिया में बयानबाजी मत करिए नहीं तो दूसरे बेटे का भी भरत जैसा अंजाम हो सकता है।

बता दें कि भरत तिवारी के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले को लेकर पिछले कई दिनों से सियासत तेज है। विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। परिजन लगातार दोषी पुलिसकर्मियों को फांसी देने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। सीएम सम्राट चौधरी ने भी कहा कि भोजपुर की घटना को सरकार ने गंभीरता से लिया है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए तत्काल न्यायिक आयोग के गठन का फैसला किया गया है। वहीं सरकार की ओर से गठित न्यायिक जांच समिति के अध्यक्ष हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश विनोद सिन्हा ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस विभाग की ओर से जांच की जिम्मेदारी शाहाबाद रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) को सौंपी गई है। 

बतातें चलें कि भरत तिवारी भोजपुर के बिलौटी गांव के रहने वाले थे। 17 जून 2026 को पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई।  पुलिस का दावा है कि वह हथियारबंद था और फायरिंग के दौरान मारा गया।  जबकि परिवार और गांव वालों का आरोप है कि उसने सरेंडर कर दिया था।  फिर उसे गोली मारी गई। परिवार की शिकायत पर शाहपुर थाने में पुलिस अधिकारियों (SDPO समेत) के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। FIR में परिवार के नाम हटाए गए, SDPO को हटाया गया, न्यायिक जांच आयोग (रिटायर्ड जज की अगुवाई में) गठित किया गया। हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश विनोद सिन्हा ने मामले की जांच शुरू कर दी है।