सम्राट सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों को लेकर जारी किया नया आदेश

सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों को लेकर बिहार सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। नए आदेश में सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में तीन गीत गाना अनिवार्य कर दिया गया है।

 सम्राट सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों को लेकर जारी किया नया आदेश
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: Apr 27, 2026, 11:08:00 AM

सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों को लेकर बिहार सरकार ने एक बड़ा फैसला  लिया है।  नए आदेश में सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में तीन गीत गाना अनिवार्य कर दिया गया है। अब सभी सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' से होगी। इसके बाद राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' गाया जाएगा।  साथ ही बिहार राज्य गीत ‘मेरे भारत के कंठहार’ भी गाया जाएगा। 

दरअसल सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम,’ राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ को अनिवार्य कर दिया गया है। सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” से होगी। इसके तुरंत बाद राष्ट्रीय गान ‘जन-गण-मन’ प्रस्तुत किया जाएगा और फिर निर्धारित कार्यक्रम शुरू होंगे। वहीं कार्यक्रम का समापन बिहार राज्य गीत ‘मेरे भारत के कंठहार’ के साथ किया जाएगा। बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने इसे लेकर आदेश भी जारी कर दिया है। 

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहैल ने रविवार को सभी विभागीय प्रमुखों, पुलिस महानिदेशक, प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किया है। विभाग ने अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। आदेश में कहा गया है कि लोगों में राष्ट्रीयता की भावना, अस्मिता और गौरव बढ़ाए जाने के लिए बिहार सरकार के सरकारी कार्यक्रमों और सभी शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान का गायन आवश्यक है।  इसके साथ ही बिहार के गौरवशाली इतिहास को पहचान के लिए बिहार राज्य गीत का गायन जरूरी है। 

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत राष्ट्रीय गीत के गायन से किया जाए।  राष्ट्रीय गीत के बाद राष्ट्रगान का गायन किया जाए।  इसके बाद सरकारी कार्यक्रम का संचालन निर्धारित कार्यावली के अनुसार किया जाए।  वहीं सरकारी कार्यक्रम का समापन बिहार राज्य गीत के गायन से किया जाए।  इस तरह शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी गीतों का क्रम तय किया गया है।