बिहार सरकार ने शराबबंदी पर बड़ा रिपोर्ट कार्ड जारी किया है। मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है। जिसमें अवैध शराब के निर्माण, तस्करी और सेवन के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियानों और कार्रवाई की जानकरी दी गई है।
विभाग और पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, तस्करी, बिक्री और सेवन के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 84 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जिनमें 67 अंतरराज्यीय चेक पोस्ट शामिल हैं। सभी चेक पोस्ट सीसीटीवी से लैस हैं और 24 घंटे संचालित हो रहे हैं। यहां हैंड हेल्ड स्कैनर से वाहनों की जांच की जा रही है। इसके अलावा 80 उत्पाद थाने भी सक्रिय हैं। जहां ड्रोन, मोटर बोट, स्निफर डॉग, ब्रेथ एनालाइजर जैसे आधुनिक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।
1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2026 के बीच शराबबंदी से जुड़े कुल 11,37,731 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 5,60,639 केस उत्पाद विभाग और 5,77,092 केस पुलिस द्वारा दर्ज किए गए। इस अवधि में कुल 17,18,058 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 2.42 करोड़ लीटर देशी और 2.40 करोड़ लीटर विदेशी शराब समेत कुल 4.83 करोड़ लीटर शराब बरामद की गई है। इनमें से करीब 98% यानी 4.73 करोड़ लीटर शराब का विनष्टीकरण भी किया जा चुका है।
शराबबंदी मामलों में 1.67 लाख से अधिक वाहन जब्त किए गए, जिनमें से 80,207 वाहनों की नीलामी कर करीब 357.21 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। वहीं 25,232 वाहनों को जुर्माना लेकर छोड़ा गया, जिससे 101.24 करोड़ रुपये मिले। विशेष उत्पाद न्यायालयों में दर्ज मामलों में से अब तक 50% मामलों का निष्पादन हो चुका है। इनमें 99% मामलों में दोषियों को सजा सुनाई गई है।
बिहार में शराबबंदी को लेकर सरकार का रिपोर्ट कार्ड जारी
2016 से 2026 तक 11.37 लाख से ज्यादा केस दर्ज
17 लाख से अधिक गिरफ्तारी
कार्रवाई के दौरान 4.83 करोड़ लीटर से ज्यादा शराब बरामद
जब्त शराब का करीब 98 प्रतिशत विनष्टीकरण किया जा चुका
ड्रोन से 1.64 लाख छापेमारी, लाखों लीटर शराब जब्त
दियारा और जलमार्ग में मोटरबोट से 80 हजार से ज्यादा रेड
1.67 लाख से ज्यादा वाहन जब्त, सैकड़ों करोड़ की वसूली