बिहार के छात्रों और अभिभावक के लिए बड़ी खबर है। प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में एडमिशन कराने से पहले सावधान होने की जरुरत है नहीं तो पैसा और करियर दोनों बर्बाद हो सकता है। 13 शिक्षण संस्थानों में गड़बड़ी की शिकायत के बाद राज्य सरकार ने इन कॉलेजों में नए आवेदन के भुगतान पर रोक लगा दिया है।
दरअसल बिहार के 13 प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। इन शिक्षण संस्थानों में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है, जिसके बाद सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत नए आवेदनों के भुगतान पर रोक लगा दी है। बिहार के जिन 13 प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में फर्जीवाड़े की पोल खुली है, उसमें पटना के चैतन्य कॉलेज ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी , RS विद्यापीठ राम कृष्ण नगर और गया के विवेकानंद पैरामेडिकल कॉलेज एंड नर्सिंग कॉलेज और मगध पैरामेडिकल एंड नर्सिंग इंस्टीट्यूट का नाम शामिल है।
इसके अलावे ''इंदु देवी रणजीत कुमार प्रकाश प्रोफेशनल कॉलेज-वैशाली, डॉ रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज-वैशाली, श्री उमेश मिश्र रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज-वैशाली, एमपीएस कॉलेज ऑफ़ हायर एजुकेशन-मुजफ्फरपुर , Shivi कॉलेज ऑफ़ हायर एजुकेशन-मुजफ्फरपुर, देव कॉलेज ऑफ़ हायर एजुकेशन मुजफ्फरपुर और प्रभु कैलाश इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट औरंगाबाद'' का नाम लिस्ट में है।
बता दें कि शिक्षा विभाग ने 13 इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में नए आवेदनों के भुगतान पर तत्काल रोक लगा दी है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना (BSCCY) के तहत अनियमितताओं के कारण ये एक्शन लिया गया है। इन संस्थानों में निर्धारित सीटों से अधिक बोनाफाइड जारी करने और सत्यापन में कमी पाई गई है। हालांकि, पहले से स्वीकृत आवेदनों की किस्तें जारी रहेंगी। इन आधिकारिक 13 संस्थानों की सूची विभाग द्वारा जारी कर दी गई है और छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिशन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर 'Bihar Student Credit Card Approved Colleges List' की जांच करें।