एक्शन में विजय सिन्हा, फार्मर रजिस्ट्री अभियान शुरू, हेल्पलाइन नंबर जारी, PM-किसान समेत कई योजनाओं में मिलेगा फायदा

कृषि मंत्री बनने के बाद विजय कुमार सिन्हा एक्शन मोड में आ गए हैं। बिहार के किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान शरू हो गया है। यह अभियान 12 मई 2026 से 30 जून 2026 तक मिशन मोड में चलाया जाएगा।

एक्शन में विजय सिन्हा, फार्मर रजिस्ट्री अभियान शुरू, हेल्पलाइन नंबर जारी, PM-किसान समेत कई योजनाओं में मिलेगा फायदा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: May 12, 2026, 3:52:00 PM

कृषि मंत्री बनने के बाद विजय कुमार सिन्हा एक्शन मोड में आ गए हैं। किसानों को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए मंत्री ने कहा कि किसानों की डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने और योजनाओं का लाभ सीधे उन तक पहुंचाने के लिए राज्यभर में विशेष फार्मर रजिस्ट्री अभियान चलाया जाएगा।  उन्होंने अधिकारियों को अभियान को गंभीरता से लेने और पंचायत स्तर तक किसानों को जागरूक करने का निर्देश भी दिया। 

बिहार के किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान शरू हो गया है। यह अभियान 12 मई 2026 से 30 जून 2026 तक मिशन मोड में चलाया जाएगा। किसान पंजीकरण कार्यक्रम पर बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री की जो सोच है डिजिटल इंडिया, हमारा एग्री स्टैक किसान रजिस्ट्री उन्हें एक बड़ी ताकत देगा। भूमि विवाद हटाएगा और आने वाली पीढ़ी को जमीन की पूरी जानकारी मिलेगी। सरकार जो उर्वरक, बीज का अनुदान जो देती है ये सही लोगों के हाथ में जाएगा। बिचौलिया, माफिया, भ्रष्ट लोग बाहर होंगे। इसी सोच को लेकर मैंने राजस्व भूमि सुधार मंत्री के नाते अभियान को ताकत दी। हमारे समय में लगभग 47 लाख से ऊपर किसानों की जमीन की रजिस्ट्री हुई।

विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार सरकार के कृषि तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साझा प्रयासों से राज्य में किसानों की डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री का विशेष अभियान शुरू होगा। यह अभियान 12 मई 2026 से 30 जून 2026 तक विशेष रूप से चलाया जाएगा। कृषि मंत्री ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एवं कृषि विभाग के सहयोग से जनवरी माह में 06 जनवरी से 11 जनवरी के बीच प्रथम मिशन मोड में 10 लाख 14 हजार 981 किसानों का फार्मर ID बनाया गया, दूसरे चरण में 17 जनवरी से 21 जनवरी के बीच 7 लाख 15 हजार 96 फार्मर ID तैयार किया गया। फरवरी माह में 02 फरवरी से 11 फरवरी के बीच तीसरे मिशन मोड में 10 लाख 37 हजार 283 फार्मर ID तैयार किया गया। इस प्रकार कुल 27 लाख 67 हजार 360 किसानों का फार्मर ID तैयार किया गया। राज्य के 47 लाख 85 हजार 878 किसानों का फार्मर ID अभी तक तैयार किया जा चुका है। 

उन्होंने कहा कि बिहार के किसानों को तकनीक से जोड़ने और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम है। फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से हम प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट फार्मर आईडी प्रदान कर रहे हैं। इससे न केवल पीएम-किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित होगा, बल्कि फसल बीमा, केसीसी और सहायता अनुदान प्राप्त करने की प्रक्रिया भी बेहद सरल हो जाएगी।

सिन्हा ने कहा कि पंजीकरण के लिए किसानों को मात्र अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और स्वयं के नाम से दर्ज जमाबंदी की जानकारी देनी होगी। किसान स्वयं बिहार फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर जाकर या क्यूआर कोड स्कैन करके अपना पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा, नजदीकी सी॰एस॰सी॰ (सामान्य सेवा केंद्र) या पंचायत के कृषि समन्वयक/किसान सलाहकार से संपर्क कर भी पंजीकरण कराया जा सकता है।

एक बार डिजिटल पहचान बन जाने के बाद, किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। फसल नुकसान पर वास्तविक क्षति का लाभ और सरकारी योजनाओं की राशि सीधे बैंक खाते में बिना किसी देरी के पहुंच सकेगी। मंत्री ने राज्य के सभी किसानों से अपील की है कि वे इस विशेष अभियान के दौरान अपना पंजीकरण अवश्य कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएम-किसान सम्मान निधि योजना का निरंतर लाभ लेने के लिए भी यह डिजिटल पहचान अनिवार्य है। किसी भी सहायता के लिए किसान कृषि विभाग के हेल्पलाइन नंबर 18001801551 या राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के हेल्पलाइन नंबर 18003456215 पर संपर्क कर सकते हैं।