बिहार के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को सम्राट सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते यानी DA बढ़ाने का फैसला लिया गया। इस फैसले के बाद राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों के वेतन तथा पेंशन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। सातवां वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों और पेंशनरों का DA 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया।
राज्य कर्मियों, पेंशन भोगियों के महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत वृद्धि की स्वीकृति दी गई है। डीए के रूप में 58 प्रतिशत के स्थान पर 60 प्रतिशत मिलेगा। सरकार के इस फैसले से करीब 9 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को सीधा फायदा पहुंचेगा। DA बढ़ने से न सिर्फ सैलरी बढ़ेगी बल्कि पेंशन भी बढ़ेगी।
सातवां वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों और पेंशनरों का DA 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया। यह फैसला 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। इसके साथ ही 19 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट के फैसले के अनुसार, छठे वेतनमान वाले कर्मचारियों का DA 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत किया गया। वहीं पांचवें वेतनमान वाले कर्मियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया गया है।
सरकार के इस निर्णय का फायदा विभिन्न विभागों में कार्यरत लाखों कर्मचारियों, शिक्षकों, पुलिसकर्मियों और सेवानिवृत्त पेंशनरों को मिलेगा। वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, दिनांक 01 जनवरी 2026 के प्रभाव से महंगाई भत्ता एवं राहत की दर 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत कर दी गई है। इस फैसले का लाभ राज्य सरकार के उन कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा जो अभी भी षष्ठम् केन्द्रीय वेतनमान के अंतर्गत वेतन या पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।
वहीं पंचम् केन्द्रीय वेतनमान के तहत वेतन एवं पेंशन प्राप्त कर रहे सरकारी सेवकों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता एवं राहत की दर 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दी गई है। यह फैसला भी 01 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा। जबकि, सप्तम् केन्द्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना के अंतर्गत आने वाले सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता एवं राहत की दर 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है। यह बढ़ोतरी 01 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।