TMC में भगदड़ जारी,19 बागी सांसदों में शत्रुघ्न सिन्हा-यूसुफ पठान, ममता बनर्जी की करीबी सयानी घोष भी शामिल...
ममता बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) में लगातार टूट जारी है। 19 सांसदों की लिस्ट सामने आई है, जिनमें अभिनेता-राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान का नाम भी शामिल है।।
विधानसभा चुनाव में हार के बाद पूर्व सीएम ममता बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) में लगातार टूट जारी है। विधायकों के बाद अब बड़ी संख्या में सांसद भी बागी हो गए हैं। ऐसे ही 19 सांसदों की लिस्ट सामने आई है, जिनमें अभिनेता-राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान का नाम भी शामिल है। ममता बनर्जी को अपना सियासी आदर्श बताने वाली सयानी घोष भी उन बागी सांसदों की फेहरिश्त में शामिल हो गई हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक काकोली घोष के नेतृत्व वाले TMC बागी गुट ने 19 लोकसभा सांसदों के नाम की लिस्ट जारी कर दी। जिसमें ममता की करीबी मानी जाने वाली जादवपुर से सांसद सयोनी घोष, यूसुफ पठान और शत्रुघ्न सिन्हा का भी नाम शामिल है। बताया जा रहा है कि इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को हस्ताक्षर करके एक पत्र सौंपा है। हालांकि इस संबंध में पार्टी की ओर से आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। 8 जून को काकोली घोष ने दावा किया था कि उन्होंने 20 लोकसाभा सांसदों के समर्थन वाला पत्र स्पीकर ओम बिरला को भेजा है।
बुधवार को राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने भी पार्टी और पद से इस्तीफा दे दिया। पिछले 3 दिनों में TMC के दो राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। इससे पहले 8 जून को सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था, पार्टी भी छोड़ दी थी।इसके बाद TMC के लोकसभा में 28 में से 20 सांसद और राज्यसभा में 13 में से 2 सांसद यानी कुल 22 सांसद टूट चुके हैं। वहीं 3 जून को बंगाल के 80 में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं।
लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के कुल 28 सांसद हैं। ऐसे में यदि बागी खेमे के 19 सासंदों के दावे सही साबित होते हैं, तो यह टीएमसी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा। 28 साल पुरानी तृणमूल कांग्रेस अपने अब तक के सबसे बड़े राजनीतिक संकट का सामना करती दिखाई दे रही है। टीएमसी की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने बुधवार को पार्टी और संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसी बीच बागी खेमे के नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि उनकी अगुवाई वाले गुट के साथ अब 64 विधायक हैं। उन्होंने कहा कि यह संख्या आगे और बढ़ सकती है और इसलिए असली तृणमूल कांग्रेस वही है, न कि ममता बनर्जी का गुट।
बता दें कि सयोनी घोष ने 28 साल की उम्र में सियासत में कदम रखा और बहुत ही तेजी से ममता बनर्जी के भरोसेमंद बन गई। लोकसभा सांसद बनते ही सयानी घोष टीएमसी की सड़क से संसद तक एक सशक्त आवाज़ बनकर उभरी हैं। संसद के बाहर और अंदर दोनों फ्रंट पर मोदी सरकार को घेरती नजर आने लगी। इसके साथ ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के करीबी और वफादार के रूप में पहचानी जाने लगी। सयानी घोष की लोकप्रियता को देखते हुए ममता बनर्जी ने उन्हें पश्चिम बंगाल के बाहर त्रिपुरा और असम में भी चुनाव प्रचार की ज़िम्मेदारी दी, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर छवि बनाने में मदद मिली।