पटना: बिहार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश रुंगटा ने कहा है कि राजनीति के क्षेत्र में असफल होने के बाद राहुल गांधी कॉमेडियन बनने की राह पर चल पड़े हैं। छात्रों और युवाओं के बीच इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री की माता के संबंध में राहुल गांधी द्वारा की गई कथित टिप्पणी एवं उनके हाव-भाव ने सार्वजनिक संवाद की गरिमा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि एक सहज मानवीय व्यवहार का मजाक बनाना उनकी छिछली और भौड़ मानसिकता को दर्शाता है। विपक्ष के नेता जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक पद पर आसीन व्यक्ति से ऐसी ओछी हरकतों के बजाए, उनसे संयम, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व की अपेक्षा की जाती है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राजनीतिक मंच कोई मजाक या मखौल का रंगमंच नहीं होता। सार्वजनिक जीवन में भाषा एवं भाव भंगिमा का अपना एक विशेष महत्व एवं अनुशासन होता है। युवाओं के बीच दिया गया संदेश केवल तत्काल उपस्थित लोगों तक सीमित होता, वह आने वाली पीढ़ियों के राजनीतिक संस्कारों को भी प्रभावित करता है। यहां यह स्वाभाविक प्रश्न उठता है कि हमारे युवा इस प्रकार के व्यवहार से क्या सीख लेंगे? राहुल गांधी उन्हें क्या संदेश देना चाहते हैं?
उन्होंने कहा कि असल में राहुल गांधी जिस तरह की घिनौनी हरकतें कर रहे हैं, यह उनके संस्कारों की देन है, जो भारतीय सभ्यता और संस्कृति को बदनाम करने पर तुले हैं। भारत की सभ्यता एवं संस्कार में नारी, बुजुर्ग एवं दिव्यांगों को हमेशा से विशेष प्राथमिकता दी गई है। लेकिन जिन्होंने भारत की छवि को धूमिल करने की ही सुपारी ले रखी है, उन्हें यह कहाँ दिखेगा? उन्हें तो ऐसी फूहड़, अभद्र व असंस्कारी कृत्य करने में ही विशेष आनंद मिलता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी सामान्य शिष्टाचार निभाना भी नहीं जानते। वे प्रायः प्रधानमंत्री के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते रहते हैं, जो कहीं से भी उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी स्पष्ट रूप से मानती है कि राजनीति, जनहित के मुद्दों पर होनी चाहिए। प्रधानमंत्री से असहमति हो सकती है, सरकार की नीतियों का विरोध हो सकता है, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक गरिमा की सीमा का अतिक्रमण कतई स्वीकार नहीं है। हम उनकी इस ओछी, फूहड़ एवं अभद्र कृत्य की भर्त्सना करते हैं तथा राहुल गांधी से यह अपेक्षा करते हैं कि वे अपने इस अभद्र व्यवहार पर खेद व्यक्त कर माफी मांगें।