'न इंसाफ मिला न जवाब..आखिरकार वही हुआ जिसका अंदेशा था' NEET छात्रा की संदिग्ध मौत में CBI पर रोहिणी आचार्य ने उठाए सवाल

बिहार की राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। इस मामले में सियासत भी तेज हो गई है। NEET छात्रा मामले में CBI की क्लोजर रिपोर्ट पर रोहिणी आचार्य ने सवाल उठाए।

बिहार की राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में  CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। पॉक्सो की विशेष अदालत में CBI ने मंगलवार को रिपोर्ट दाखिल की।इस मामले में CBI ने आठ महीने तक जांच की, लेकिन खाली हाथ रही। 8 महीने बाद भी CBI को ठोस सबूत नहीं मिला। इस मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। NEET छात्रा मामले में CBI की क्लोजर रिपोर्ट पर रोहिणी आचार्य ने सवाल उठाए हैं।  उन्होंने कहा कि 8 महीने की जांच के बाद भी मामले में कोई ठोस नतीजा नहीं मिला। करीब 30 लोगों का कराया गया DNA टेस्ट, चार अफसर भी बदले गए।

पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले पर राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है-नीट छात्रा के मामले में न इंसाफ मिला न जवाब .. आख़िरकार वही हुआ जिसका अंदेशा था !! 8 महीने की जाँच , 30 लोगों का DNA टेस्ट और 4 अफसर बदलने के बाद भी नतीजा 'शून्य' ? जब कपड़े पर स्पर्म मिला और शरीर पर चोट के निशान भी मौजूद थे, तो न्याय देने और मुजरिम की पहचान करने की  बजाय केस बंद (क्लोजर रिपोर्ट) कर देना सीधे-सीधे जाँच एजेंसियों की नाकामी और ढिलाई को दिखाता है। यह कैसी जाँच है जहाँ मृतका की माँ का बयान तक दर्ज नहीं किया गया और कोर्ट की फटकार के बाद पॉक्सो एक्ट जोड़ा गया? जब देश की सबसे बड़ी जाँच एजेंसी एक बच्ची को इंसाफ नहीं दिला सकती, तो कानून व्यवस्था और जाँच एजेंसियों पर से भरोसा उठना लाजमी है।

बता दें कि पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। पॉक्सो की विशेष अदालत में CBI ने मंगलवार को रिपोर्ट दाखिल की। जांच में किसी भी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही गई है। घटना से संबंधित आगे की कार्रवाई के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले। मामले की मूल FIR 9 जनवरी 2026 को चित्रगुप्त नगर थाने में दर्ज हुई थी। पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा बेहोशी की हालत में मिली थी। पिता ने शरीर पर चोट के निशान होने की बात कही थी। पिता ने शारीरिक संबंध बनाने के प्रयास की आशंका भी जताई थी। इलाज के दौरान अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई थी। 13 अक्टूबर को पॉक्सो कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पर अगली सुनवाई होगी। 

6 जनवरी 2026 को पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल के एक कमरे में NEET की तैयारी कर रही छात्रा बेहोश मिली थी।  उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई।  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पोस्टमार्टम में छात्रा के शरीर पर चोट के निशान मिले थे। फॉरेंसिक जांच में उसके कपड़ों से स्पर्म मिलने की बात सामने आई थी। परिवार वालों और अन्य लोगों की ओर से जांच पर सवाल उठाए जाने के बाद बिहार सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपने की सिफारिश की थी।