पटना : बिहार विधान परिषद (MLC) की 8 सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए आज शाम प्रचार का शोर थम जाएगा। इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। 933 मतदान केंद्रों पर वोटिंग होगी, अब उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला मतदाता करेंगे। इस बार का चुनाव महज प्रतिनिधि चुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एनडीए की एकजुटता, महागठबंधन के आंतरिक तालमेल और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के जनाधार का लिटमस टेस्ट बन गया है। प्रत्याशियों ने अंतिम समय तक घर-घर जनसंपर्क के साथ डिजिटल माध्यमों और फोन कॉल अभियानों के जरिए मतदाताओं को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
NDA और INDIA का शक्ति प्रदर्शन
एनडीए की ओर से भाजपा और जदयू ने चार-चार सीटों पर आपसी सहमति से उम्मीदवार उतारे हैं। राजद ने छह सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए हैं, जबकि कांग्रेस भी कई सीटों पर चुनाव लड़ रही है। कई निर्वाचन क्षेत्रों में राजद और कांग्रेस के आमने-सामने होने से विपक्षी मतों के विभाजन की संभावना बढ़ गई है। प्रशांत किशोर की पार्टी ने सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को पूरी तरह बहुकोणीय बना दिया है। उम्मीदवारों ने सीधे संवाद के अलावा ऑडियो संदेशों और टेली-कैंपेन के जरिए शिक्षकों और स्नातकों तक अपनी पहुंच बनाई।
पटना स्नातक क्षेत्र में गहराया सियासी ड्रामा
पटना स्नातक सीट पर जदयू के मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार का सामना जन सुराज के अनुज सिंह, राजद के दिलीप कुमार और कांग्रेस के असदुल्लाह खान से है। मोकामा विधायक अनंत सिंह की ओर से खुलेआम अनुज सिंह का समर्थन करने से जदयू असहज नजर आ रही है। इस बीच, अस्वस्थ होकर अस्पताल में भर्ती हुए नीरज कुमार का हाल-चाल जानने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहुंचे थे।
स्नातक क्षेत्रों में दिख रहा कड़ा मुकाबला
दरभंगा स्नातक सीट पर भाजपा के सर्वेश कुमार के सामने सबसे अधिक 40 उम्मीदवार मैदान में हैं, जहां जन सुराज ने डॉ इम्तियाज नूरानी पर दांव लगाया है। तिरहुत में जदयू के अभिषेक झा और कोसी में भाजपा के एनके यादव की साख दांव पर लगी है। विपक्षी दल अपने प्रभाव क्षेत्र को विस्तार देने की कोशिश कर रहे हैं।
शिक्षक सीटों पर पुराने दिग्गजों की साख
पटना शिक्षक सीट से भाजपा के नवल किशोर यादव और दरभंगा से कांग्रेस के मदन मोहन झा अपनी जमीनी पकड़ बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में शिक्षकों की सेवा शर्तें, वेतन और अनुदान जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। जन सुराज ने नए चेहरों को उतारकर पारंपारिक दलों के समीकरण बिगाड़ने का प्रयास किया है।
सारण और तिरहुत शिक्षक क्षेत्र का चुनावी गणित
सारण शिक्षक सीट पर जन सुराज ने मौजूदा एमएलसी अफाक अहमद पर फिर भरोसा जताया है, जिनका मुकाबला राजद के जयराम यादव से है। वहीं, तिरहुत शिक्षक क्षेत्र में भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह और वाम दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है। सभी दल अब गुप्त रणनीति और गोलबंदी के जरिए जीत दर्ज करने में जुटे हैं।