कारगिल के रणबांकुरों को राष्ट्र का सलाम, द्रास में राजनाथ सिंह करेंगे वीरों को नमन

कारगिल के रणबांकुरों को राष्ट्र का सलाम, द्रास में राजनाथ सिंह करेंगे वीरों को नमन

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jul 25, 2026, 1:12:00 PM

भारत की ऐतिहासिक कारगिल विजय की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय समारोह में शामिल होने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को लद्दाख के द्रास पहुंचेंगे। इस दौरान वे 1999 के कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और विभिन्न स्मृति कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। 26 जुलाई को मनाया जाने वाला कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना की उस ऐतिहासिक सफलता का प्रतीक है, जब कठिनतम परिस्थितियों में लड़ते हुए जवानों ने दुश्मन के कब्जे से रणनीतिक चोटियों को मुक्त कराया था।

द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक इस बार भी विजय दिवस समारोह का केंद्र रहेगा। शनिवार शाम आयोजित होने वाले 'शौर्य संध्या' कार्यक्रम में रक्षा मंत्री मुख्य अतिथि होंगे। इस आयोजन के माध्यम से कारगिल युद्ध के दौरान सैनिकों द्वारा प्रदर्शित अदम्य साहस, वीरता और समर्पण को याद किया जाएगा। समारोह में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

रविवार को मुख्य कार्यक्रम के तहत युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाएगा। रक्षा मंत्री शहीदों की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित करेंगे और कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों, वीर नारियों, वीर माताओं, शहीदों के परिजनों, पूर्व सैनिकों तथा सेना के अधिकारियों और जवानों की मौजूदगी में राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि देंगे।

इस अवसर पर राजनाथ सिंह कारगिल युद्ध स्मारक के लिए विकसित 'वर्चुअल वॉकथ्रू पोर्टल' का शुभारंभ भी करेंगे। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर के लोग स्मारक और कारगिल युद्ध के इतिहास को आधुनिक तकनीक के जरिए करीब से जान सकेंगे। इसके बाद रक्षा मंत्री 'हट ऑफ रिमेंबरेंस' का दौरा करेंगे और स्मारक परिसर स्थित हेलीपैड पर आयोजित सभा को संबोधित करेंगे।

समारोह का समापन 'शौर्य विजय यात्रा' के फ्लैग-इन के साथ होगा। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से शुरू हुई यह मोटरसाइकिल यात्रा द्रास पहुंचकर समाप्त होगी। इसका उद्देश्य देश के वीर सैनिकों के साहस और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना है। कार्यक्रम में लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद, कारगिल के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद जाफर अखून के शामिल होने की भी संभावना है।

दुनिया के सबसे ठंडे आबादी वाले क्षेत्रों में गिने जाने वाले द्रास में समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। टोलोलिंग पहाड़ी की तलहटी में स्थित कारगिल युद्ध स्मारक को विशेष रूप से सजाया गया है। बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त बैठक व्यवस्था, पुष्प सज्जा और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं। सेना के बैंड अंतिम अभ्यास में जुटे हैं, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग, युद्ध स्मारक और हेलीपैड के आसपास बहुस्तरीय सुरक्षा तैनात की गई है तथा समारोह के दौरान यातायात संचालन भी नियंत्रित रहेगा।

गौरतलब है कि 'ऑपरेशन विजय' की शुरुआत तब हुई थी जब पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों ने श्रीनगर-लेह मार्ग के निकट स्थित महत्वपूर्ण पर्वतीय चोटियों पर कब्जा कर लिया था। भारतीय सेना ने 16 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर अत्यंत कठिन मौसम और दुर्गम परिस्थितियों में अभियान चलाकर इन इलाकों को पुनः अपने नियंत्रण में लिया। लगभग 85 दिनों तक चले संघर्ष के बाद 26 जुलाई 1999 को भारत ने विजय की घोषणा की। इस युद्ध में 527 भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए, जबकि 1,363 जवान घायल हुए थे। कारगिल विजय दिवस हर वर्ष इन्हीं वीरों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण को स्मरण करने का अवसर बनकर सामने आता है।