‘कंटीले तार किसके आदेश पर?’ JPSC-JSSC विवाद पर BJP का सवाल, सदन की कार्यवाही स्थगित

‘कंटीले तार किसके आदेश पर?’ JPSC-JSSC विवाद पर BJP का सवाल, सदन की कार्यवाही स्थगित

झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के चौथे दिन भी JPSC-JSSC परीक्षा विवाद का मुद्दा सदन की कार्यवाही पर हावी रहा। छात्रों के विधानसभा घेराव और उनके खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखे सवाल उठाए। हंगामे के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए, जिसके बाद स्पीकर को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार से जवाब की मांग शुरू कर दी। देखते ही देखते कई विधायक वेल में पहुंच गए। इसके जवाब में सत्ता पक्ष के सदस्य भी वेल में आ गए, जिससे सदन में जोरदार नारेबाजी और हंगामे की स्थिति बन गई।

कंटीले तार को लेकर बाबूलाल मरांडी का सवाल

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोमवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान की गई सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, इसके बावजूद उन्हें रोकने के लिए कंटीले तार लगाए गए। मरांडी ने सवाल किया कि इस तरह की व्यवस्था लगाने का आदेश किस स्तर से दिया गया था। उन्होंने सरकार पर छात्रों के साथ बल प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सदन में आकर पूरे मामले पर जवाब देने की मांग की।

हंगामा लगातार बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की। स्थिति नियंत्रित नहीं होने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

हंगामे के बीच वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG की रिपोर्ट भी पेश की। हालांकि, JPSC-JSSC के मुद्दे को लेकर जारी गतिरोध के कारण सदन का माहौल लगातार गरम बना रहा।  इससे पहले सुबह करीब 11 बजकर 07 मिनट पर कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने छात्रों के मुद्दे को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा था। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण सदन में सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ।

प्रदीप यादव ने भाजपा पर लगाया आरोप

सत्ता पक्ष की ओर से विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि विधानसभा का सत्र छात्रों की समस्याओं पर चर्चा के लिए भी महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने सोमवार को हुए विधानसभा घेराव का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों को सदन से अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है।

हालांकि, उन्होंने प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर अव्यवस्था फैलाने के लिए भाजपा पर आरोप लगाया और कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच कुछ लोगों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को वापस भेजने के लिए वाहनों की व्यवस्था की थी। प्रदीप यादव ने सरकार से सोमवार की पूरी घटना की जानकारी सदन के सामने रखने और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

स्पीकर की अपील के बावजूद जारी रहा हंगामा

विधानसभा अध्यक्ष ने कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी विधायक छात्रों के हित की बात कर रहे हैं, इसलिए सदन में व्यवस्थित तरीके से अपनी बात रखी जानी चाहिए। इसके बावजूद हंगामा थमता नहीं देख स्पीकर ने पहले कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की। बाद में दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी JPSC-JSSC विवाद को लेकर गतिरोध बना रहा और अंततः सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।