सरकार के खिलाफ BJP का हल्लाबोल! JPSC-JSSC विवाद पर झारखंड बंद

सरकार के खिलाफ BJP का हल्लाबोल! JPSC-JSSC विवाद पर झारखंड बंद

झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद अब सड़क से सियासी टकराव तक पहुंच गया है। विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा ने मंगलवार को राज्यव्यापी बंद बुलाया। बंद का असर राजधानी रांची के अलावा हजारीबाग जिले के बड़कागांव समेत कई इलाकों में देखने को मिला।

बड़कागांव में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बाजार और व्यावसायिक गतिविधियों को बंद कराने के लिए सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। पश्चिम भाजपा मंडल अध्यक्ष शिबू मेहता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और बंद के समर्थन में लोगों से अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की। इसके चलते इलाके में कई दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे।

रांची में सड़क पर उतरे बंद समर्थक

राजधानी रांची में भी बंद का असर दिखाई दिया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने प्रदर्शन किया। रातू रोड पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर यातायात प्रभावित किया। वहीं कांके रोड स्थित CMPDI गेट के आसपास भी टायर जलाकर वाहनों की आवाजाही रोकने की कोशिश की गई।

भाजपा ने छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को मुद्दा बनाते हुए सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि JPSC-JSSC परीक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे छात्रों के साथ सरकार का रवैया उचित नहीं है। इसी के विरोध में भाजपा ने मंगलवार सुबह से रात तक झारखंड बंद का आह्वान किया।

विधानसभा मार्च के बाद बढ़ा विवाद

JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्र पिछले कई दिनों से रांची में आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को छात्रों ने विधानसभा घेराव का प्रयास किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी और पुलिस की ओर से लाठीचार्ज तथा आंसू गैस के इस्तेमाल की बात सामने आई।

इस घटना के बाद छात्र आंदोलन को लेकर सियासत और गरमा गई है। भाजपा ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और पूरे मामले का निष्पक्ष समाधान निकालना चाहिए।

बड़कागांव से सुनील ठाकुर की रिपोर्ट