शिक्षकों की 15 सूत्री मांगों को लेकर संघ ने की शिक्षा मंत्री से वार्ता, मिला आश्वासन

बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश नेतृत्व ने शनिवार को शिक्षा मंत्री से राजधानी में मुलाकात की और अपनी 15 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

पटना: बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश नेतृत्व ने शनिवार को शिक्षा मंत्री से राजधानी में मुलाकात की और अपनी 15 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से यह जानकारी दी गयी कि बिहार के लाखों शिक्षक वर्षों से अपने अधिकारों से वंचित हैं। इसलिए सरकार हमारे 15 सूत्री मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर शीघ्र लागू करने की कृपा करें।

बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश सचिव आनंद मिश्रा ने बताया कि इस वार्ता में शिक्षा मंत्री मिथलेश कुमार तिवारी ने संघ से वार्ता के दौरान सभी बिंदुओं पर क्रम से विस्तार से बात की और कहा कि सभी मांगे उचित हैं। इसमें कुछ मांगों पर तो पहले ही विभाग कार्रवाई कर रही है, कुछ पर आगे पूरा किया जाएगा। उनका यह भी कहना था कि वो संघ से हमेशा वार्ता और सहयोग की अपेक्षा करते हैं ताकि बिहार में शिक्षा अव्वल दर्जे को प्राप्त करें। MLC चुनाव के बाद आप सभी से पुनः वार्ता की जाएगी।

संघ ने शिक्षा मंत्री से सभी कोटि के शिक्षकों (नियोजित, विशिष्ट, प्रधान, विद्यालय अध्यापक )को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा निरंतरता, पुराने शिक्षक वाली नियमावली, केंद्रीय वेतनमान एवं पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने, शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने। विदित है कि बिहार में संस्कृत शिक्षकों की सेवा 62वर्ष और कॉलेज में शिक्षकों की सेवा 65वर्ष लागू हैं ऐसे में शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों? सभी शिक्षकों एवं उनके आश्रित परिवार को निःशुल्क चिकित्सा (कैशलेस इलाज) की सुविधा देने, ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थापित शिक्षकों के लिए आवास अथवा विशेष ग्रामीण भत्ता देने, छठे वेतन आयोग में निहित केन्द्रीय वेतनमान को आधार मानते हुए सातवां वेतनमान देने, BPSC द्वारा बहाल प्रधान शिक्षकों की पूर्व सेवा की गणना करते हुए सेवा निरंतरता एवं वेतन वृद्धि दी जाए एवं उन्हें मध्य विद्यालय में भी पदस्थापित करने, मध्य विद्यालयों के शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों को भी फिजिकल शिक्षक की भांति वेतनमान देने, नियोजित शिक्षकों को पूर्व की नियमावली के अनुसार प्रोन्नति का लाभ देने, राज्य में बहुत से नगरों का निर्माण 2017के बाद हुआ, वैसे शहरी क्षेत्र की सीमा से 8 किमी की दूरी तक स्थित विद्यालयों के शिक्षकों को शहरी आवास भत्ता (HRA) का भुगतान करने, शिक्षकों की स्थानांतरण नीति को पूर्णतः ऐच्छिक बनाये जाने, एवं पुरुषों को प्रखंड से बाहर की बाध्यता समाप्त करने, अनुकम्पा पर नियुक्ति संविदा पर नहीं बल्कि नियमित पद पर करने, 31/03/2015 के पूर्व नियुक्त सेवा समाप्त शिक्षकों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में सेवा में वापस लिया जाए एवं उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था करने, BPSC से नियुक्त TRE-1, II, III के शिक्षकों की सेवा पुस्तिका का संधारण एवं विशिष्ट शिक्षक का बकाया वेतन का भुगतान करने, दिव्यांग एवं असाध्य रोग से ग्रसित शिक्षकों को उनके आवासीय परिसर/ग्राम पंचायत/प्रखंड के विद्यालय में पदस्थापित करने तथा रावेन्द्र शर्मा बनाम बिहार सरकार में पटना उच्च न्यायालय के आदेश का सभी जिलों में अनुपालन कराये जाने की मांग है।