पटना: कंपीटिटिव इंग्लिश की बुनियाद रखने वाले प्रख्यात शिक्षक डॉ अशोक कुमार सिंह की बहुप्रतिक्षित किताब 'ए मिरर ऑफ कॉमन एरर' अब छात्रों के बीच आ चुकी है। इस किताब का छात्रों को लंबे वक्त से इंतजार था। ज्ञात हो कि डॉ अशोक कुमार सिंह पटना में कंपीटिटिव इंग्लिश की बुनियाद रखने वाले पहले शिक्षक हैं। इन्होंने लगभग 36 वर्षों तक छात्रों को कॉम्पिटेटिव इंग्लिश पढ़ाने का काम किया हैं। आज बडी संख्या में इनके छात्र राज्य तथा केंद्र सरकारों में उच्च पदों पर कार्य करते हुए राज्य तथा देश की सेवा कर रहे हैं। डॉक्टर सिंह ने अब तक इंग्लिश के 17 कॉम्पिटेटिव तथा एकेडमिक बुक्स लिखी हैं, जो न केवल बिहार और झारखंड में बल्कि पूरे देश में छात्रों एवं शिक्षकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
लेखक के रूप में इनकी पहली पुस्तक 'ए मिरर ऑफ कॉमन एरर' हैं, जो आज भारत के अलावा कई अन्य देशों में भी बहुत ही लोकप्रिय है। डॉ सिंह ने इस पुस्तक में 58 अंतरराष्ट्रीय पुस्तकों से आवश्यकता अनुसार पंक्तियों को लेकर उद्धृत किया हैं और इस प्रकार इस पुस्तक को अधिक से अधिक मानक बनाने का प्रयास किया है। इस पुस्तक की लोकप्रियता और इसकी गुणवत्ता के कारण ही इसे अमेरिका बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डस में शामिल किया गया है और डॉक्टर अशोक कुमार सिंह को इसका लाइफटाइम मेंबरशिप कार्ड दिया गया है।
डॉ अशोक कुमार सिंह को इस वर्ष कई राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए नामित किया गया है। इस पुस्तक के लेखन में इनकी पत्नी रंजना सिंह ने भी बखूबी साथ दिया। उन्होंने इन पुस्तकों के लेखन और प्रकाशन में डॉक्टर सिंह को हर प्रकार से सहयोग किया। इनके साथ कंपीटिटिव इकोनोमिक्स के शिक्षक शशि कुमार सिंह और कंपीटिटिव मैथमेटिक्स के शिक्षक सुजीत कुमार लंबे वक्त से जुडे रहे हैं। सुजीत कुमार ने अशोक कुमार सिंह के साथ करीब 20 वर्षों तक कंपीटिटिव मैथमेटिक्स पढ़ाया है। ज्ञात हो कि डॉक्टर अशोक कुमार सिंह की छोटी पुत्री निशा सिंह ने क्विंस मैरी यूनिवर्सिटी, लंदन से एलएलएम की पढ़ाई की है।