सितंबर का बिजली बिल बढ़ा तो घबराएं नहीं, पुराने बकाये का हुआ समायोजन

सितंबर महीने का बिजली बिल अधिक आने पर उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के नए बिलिंग सॉफ्टवेयर के लागू होने के बाद जून से अगस्त 2026 तक के कुछ लंबित शुल्कों का समायोजन सितंबर महीने के बिजली बिल में

सहरसा : सितंबर महीने का बिजली बिल अधिक आने पर उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के नए बिलिंग सॉफ्टवेयर के लागू होने के बाद जून से अगस्त 2026 तक के कुछ लंबित शुल्कों का समायोजन सितंबर महीने के बिजली बिल में किया गया है। इस कारण सितंबर का विद्युत विपत्र सामान्य से अधिक प्रतीत हो रहा है। इस संबंध में विद्युत विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नए बिलिंग सॉफ्टवेयर आरएमएस के लागू होने के बाद जून से अगस्त 2026 तक के बिजली बिलों में कुछ शुल्कों की राशि का समायोजन नहीं हो पाया था। इनमें अतिरिक्त डिमांड चार्ज, डिमांड चार्ज, पावर फैक्टर सरचार्ज, किस्त समायोजन, टीओडी एवं अन्य बकाया शुल्क शामिल हैं। इन लंबित राशियों को सितंबर 2026 के बिजली बिल में जोड़ा गया है।

पुराने लंबित शुल्कों के समायोजन के कारण सितंबर का बिल बढ़ा हुआ दिखाई दे सकता है

विभाग की ओर से दिए गए उदाहरण के अनुसार, उपभोक्ता संख्या 400656828 के जुलाई से अगस्त 2026 तक के फिक्स डिमांड चार्ज एवं अतिरिक्त डिमांड चार्ज का समायोजन सितंबर महीने के बिल में किया गया है। वहीं, उपभोक्ता संख्या 401580292 के जुलाई से अगस्त तक के फिक्स डिमांड चार्ज का समायोजन भी सितंबर के बिल में किया गया है। इस संबंध में विद्युत कार्यपालक अभियंता, सहरसा अमित कुमार ने विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल सहरसा शहरी क्षेत्र के सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए अपने बिजली बिल का अवलोकन करें। उन्होंने बताया कि पुराने लंबित शुल्कों के समायोजन के कारण सितंबर का बिल बढ़ा हुआ दिखाई दे सकता है।

सहरसा से विकास कुमार की रिपोर्ट