पटना : बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर से शुरू होगा। बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र चार दिसंबर तक चलेगा। पांच दिनों के सत्र में विधानसभा और विधान परिषद की कुल पांच बैठकें होंगी। सत्र के दौरान सरकार विधायी कार्यों को आगे बढ़ाएगी। विभिन्न विभागों से जुड़े अहम मुद्दों पर सदन में होगी चर्चा।
सरकार विधेयकों और अन्य सरकारी कार्यों को सदन में रख सकती है
आपको बता दें कि सरकार विधेयकों और अन्य सरकारी कार्यों को सदन में रख सकती है। जनहित के मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की करेगा कोशिश। नई सरकार की प्राथमिकताओं और विकास योजनाओं पर चर्चा की संभावना। एमएलसी चुनाव के बाद सदन में नए चेहरे भी नजर आएंगे। इसके साथ ही, विपक्ष को भी जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को घेरने का अवसर मिलेगा। शीतकालीन सत्र हंगामेदार होने की संभावना है क्योंकि विपक्ष हर मुद्दा को उठाना चाहेगा।
सम्राट सरकार का दूसरा सत्र
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का यह दूसरा सत्र होगा। इससे पूर्व जुलाई में पांच दिवसीय मानसून सत्र आयोजित हुआ था। वह मानसून सत्र 20 जुलाई से 24 जुलाई तक चला था। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के 100 दिन पूरे होने के बाद वह पहला सत्र था। उस मानसून सत्र के दौरान विभिन्न मामलों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने रहे थे और विपक्षी दलों ने सरकार का जोरदार विरोध किया था।