सावधान! एक क्लिक में रुक सकती है E-Rickshaw, राजधानी में बढ़ी चालकों की चिंता

राजधानी में इन दिनों ई-रिक्शे वालों में अनजाना खौफ पसरा हुआ है। यह खौफ खुद उनके ई-रिक्शे से ही जुडा हुआ है। दरअसल आपको अंदाजा भी नहीं है कि जिस ई रिक्शे को आप कहीं आने जाने का सबसे आसान और सुविधाजनक साधन मान रहे हैं, उसे महज एक क्लिक पर कहीं भी रोका जा सकता है। इन दिनों ई-रिक्शा चालकों के लिए परेशानी बनी हुई है। 

सोशल मीडिया पर इन दिनों कई ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें कुछ लोग अपने मोबाइल में एक ऐप खोलकर ई-रिक्शा के पास जाते हैं। कुछ ही सेकंड बाद रिक्शा अचानक बीच सड़क पर रुक जाता है। इसके बाद चालक हैरान रह जाता है, यात्री भी घबरा जाते हैं और रिक्शा आगे नहीं बढ़ पाता। देखिए जिस ऐप की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उसका नाम BAT-BMS है। बताया जाता है कि इसे चीन में विकसित किया गया था। हालांकि, इस ऐप का मूल उद्देश्य ई-रिक्शा को बंद करना नहीं, बल्कि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) की निगरानी और बैटरी की स्थिति पर नजर रखना है। लेकिन कुछ लोग इसका गलत तरीके से इस्तेमाल कर वायरल वीडियो बनाकर लोगों को चौंका रहे हैं। 

हालांकि इस पूरे मुद्दे पर सरकार का कहना है कि ये ऐप बैटरी की जांच और मेंटेनेंस के लिए बनाए गए थे। लेकिन कुछ लोगों ने इनका गलत इस्तेमाल शुरू कर दिया। ऐसे मामलों में बिना चालक की जानकारी के ई-रिक्शा की बैटरी से कनेक्ट होकर उसकी पावर बंद की जा सकती थी, जिससे वाहन अचानक रुक जाता था। इस तरह की घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने ऐसे ऐप्स को हटाने का फैसला लिया है। साथ ही भविष्य में इस तरह के किसी भी ऐप के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए भी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

आपको बता दे कि राजधानी पटना और इसके आस पास के इलाकों से अब तक 200 से 300  ई-रिक्शा इस तकनीकी गड़बड़ी का शिकार हो चुके हैं। इस पूरे मामले की जड़ ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक लिथियम-आयन बैटरी और उसकी सुरक्षा में हुई बड़ी चूक है। आज कई ई-रिक्शा की बैटरियों में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) लगा होता है, जो ब्लूटूथ के माध्यम से मोबाइल फोन से जुड़ सकता है। कंपनियों ने यह सुविधा तो दी, लेकिन इसे सुरक्षित बनाने के लिए मजबूत पासवर्ड या पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की। इसी वजह से बैटरी तक अनधिकृत पहुंच का खतरा बढ़ गया।

पटना से आभा की रिपोर्ट