बिहार की सरकार ने अब नदियों में जमे गाद (सिल्ट) को ईट भठ्ठे से जुड़े निर्माण कार्य में लगाने की रणनीति बनाई है। वहीं खनन विभाग के इस योजना से नदियों के बीच में जमे गाद (सिल्ट ) की सफाई हो जाएगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षित होगा और ईट निर्माण के लिए मिट्टी कटाव से भी लोगों को निजात मिलेगी।
खनन विभाग के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि खनन विभाग एक नीति बना रही है, जिसके तहत नदियों में जमे गाद (सिल्ट )को विभाग खनन करवा कर इसका इस्तेमाल ईट भट्टे के निर्माण में किया जाएगा। इससे राजस्व का लाभ भी होगा और नदियों से गाद को निकाल भी लिया जाएगा।
सम्राट सरकार की इस योजना से उत्तर बिहार से बहने वाली गंडक, बूढ़ी गंडक और तीअर नदी में काफी मात्रा में गाद जमा हो गया है। इसके निकल जाने से नदियों की सफाई और संरक्षण होने के साथ-साथ पर्यावरण का बचाव भी होगा और सरकार को लाखों करोड़ों रुपए की राजस्व का लाभ मिलेगा।
मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट