मिथिलांचल संघर्ष समिति, मधुबनी की ओर से घोघरडीहा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव और 9 सूत्री मांग समेत यात्रियों की सुविधाओं को लेकर बीते दिन प्रदर्शन किया गया था। मिथिलांचल संघर्ष समिति के संस्थापक और अध्यक्ष गौरीशंकर यादव के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन पर धरना दिया था। आज (बुधवार) मिथिलांचल संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल को पूर्व मध्य रेल समस्तीपुर मंडल के डीआरएम की ओर से बुलाया आया। जिसके बाद गौरीशंकर यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम से मुलाकात कर नौ सूत्री मांग पत्र सौंपा।
मिथिलांचल संघर्ष समिति के संस्थापक और अध्यक्ष गौरीशंकर यादव ने इसको लेकर जानकारी दी है। गौरीशंकर यादव ने कहा है कि आज मिथिलांचल संघर्ष समिति के सभी साथियों के साथ पूर्व मध्य रेल समस्तीपुर मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा के बुलावे पर उनसे मिलने पहुंचे। मिथिलांचल संघर्ष समिति के नौ सूत्री मांग को डीआरएम के साथ बिंदुवार चर्चा की गई और जल्द से जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन मिला। मिथिलांचल संघर्ष समिति के संस्थापक और अध्यक्ष गौरीशंकर यादव ने जानकारी देते हेउ कहा कि रेलवे स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव सहित नौ सूत्री मांगों को लेकर रविवार को हुए धरना के बाद रेल प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। पूर्व मध्य रेलवे, समस्तीपुर मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा के बुलावे पर मिथिलांचल संघर्ष समिति (एमएसएस) का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को समस्तीपुर पहुंचा और डीआरएम से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष ई. गौरी शंकर यादव, सचिव धर्मेंद्र कुमार मंडल, संयोजक शंकर झा एवं प्रवक्ता सुशील कामत शामिल थे। बैठक में समिति के पूर्व में सौंपे गए नौ सूत्री मांगपत्र पर डीआरएम ने बिंदुवार चर्चा की।
समिति ने घोघरडीहा स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव, यात्री सुविधाओं के विस्तार, घोघरडीहा-घोघेपुर प्रस्तावित नई रेल लाइन तथा पूर्वी रेलवे गुमटी से किसनीपट्टी तटबंध तक संपर्क मार्ग सहित अन्य स्थानीय रेल समस्याओं को प्रमुखता से रखा।बैठक में डीआरएम ने 15 अक्टूबर तक घोघरडीहा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने का आश्वासन दिया। साथ ही समिति के मांगपत्र को रेलवे बोर्ड भेजने तथा संबंधित मांगों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही। एमएसएस ने इसे क्षेत्र की रेल समस्याओं को लेकर चलाए जा रहे अभियान की अगली कड़ी बताया है। समिति के अध्यक्ष ई. गौरी शंकर यादव ने कहा कि जनहित से जुड़े इन मुद्दों को लेकर आगे भी सक्षम रेल अधिकारियों के समक्ष तथ्य और मांगें रखी जाएंगी।
घोघरडीहा रेलवे स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से क्षेत्र की जनता को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर बीते दिनों मिथिलांचल संघर्ष समिति ने आंदोलन किया और रेलवे से घोघरडीहा स्टेशन पर भी महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव देने की मांग की। समिति ने रेलवे से क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को देखते हुए कई महत्वपूर्ण मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की है। मिथिलांचल संघर्ष समिति के संस्थापक और अध्यक्ष गौरीशंकर यादव के नेतृत्व में भारी संख्या में लोगों ने घोघरडीहा रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया। समिति ने रेलवे से घोघरडीहा रेलवे स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं की मांग की। मिथिलांचल संघर्ष समिति ने घोघरडीहा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव और 9 सूत्री मांग समेत यात्रियों की सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन किया।
मिथिलांचल संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें:
1. 14627/14628 सहरसा-छहरतता (अमृतसर) का घोघरडीहा स्टेशन पर ठहराव दिया जाए।
2. 05735/05736 अमृतसर-कटिहार एक्सप्रेस का घोघरडीहा स्टेशन पर ठहराव किया जाए।
3. 14663/14664 न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर एक्सप्रेस का नियमित ठहराव घोघरडीहा में किया जाए।
4. घोघरडीहा-घोघेपुर नई रेल लाइन निर्माण कार्य शुरू किया जाए।
5. पूर्वी गुमटी से किसनीपट्टी मिलन पथ तक संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जाए।
6. परसा-बसुआरी हॉल्ट पर यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जाए।
7. चिकना हॉल्ट पर 13211/13212 जोगबनी-दानापुर एक्सप्रेस का ठहराव दिया जाए।
8. इस रेल मार्ग पर दो अतिरिक्त यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाए।
9. घोघरडीहा में पार्सल गोदाम एवं रैक प्वाइंट की स्थापना की जाए।
बता दें कि मिथिलांचल संघर्ष समिति क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास के खिलाफ जन-जागरण अभियान चला रही है। मिथिलांचल संघर्ष समिति मुख्य रूप से बिहार के मधुबनी जिले (विशेषकर घोघरडीहा क्षेत्र) में सक्रिय एक सामाजिक संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास के खिलाफ जन-जागरण अभियान चलाना है। मिथिलांचल संघर्ष समिति के संस्थापक और अध्यक्ष गौरीशंकर यादव हैं जो सामाजिक कार्यकर्ता और फुलपरास विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी रह चुके हैं।
मिथिलांचल संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें
1.पंचायत, प्रखंड, थाना, अनुमंडल और जिला स्तर के सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की जाए।
2.रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार में शामिल कर्मचारियों व अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
3.गांवों में शांति, सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने के लिए समय-समय पर जनजागरूकता बैठक आयोजित की जाए।
4.गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक एवं सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
5.ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर और जनस्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
6.गंभीर बीमारी से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों के इलाज और रक्तदान के लिए सहायता व्यवस्था विकसित की जाए।
7.अंधविश्वास, ऊंच-नीच, जातीय भेदभाव और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।
8.रिश्वत लेने और देने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए।
9.गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए सहयोग दिया जाए।
10.किसान, मजदूर, महिलाएं और नौजवानों की समस्याओं को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया जाए।
11.पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए जनअभियान चलाया जाए।
12.समाज में न्याय, समानता, जनहित और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएं।