जहानाबाद : भोजपुरी गाने में नाई समाज के प्रति कथित अभद्र टिप्पणी किए जाने के विरोध में मंगलवार को नाई समाज की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नाई संघ के जिलाध्यक्ष महेश ठाकुर ने की। बैठक में गाने के माध्यम से समाज को निशाना बनाए जाने पर नाराजगी जताई गई। साथ ही इसके विरोध में एक अक्टूबर गुरुवार को आक्रोश मार्च निकालने का निर्णय लिया गया।
समाज के लोगों ने कहा- भोजपुरी लोकगीत और संगीत के विकास में नाई समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है
बैठक में उपस्थित समाज के लोगों ने कहा कि भोजपुरी लोकगीत और संगीत के विकास में नाई समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लोकनायक भिखारी ठाकुर ने भोजपुरी लोकगीत और लोकनाट्य को नई पहचान दिलाई। ऐसे में उनके वंशज माने जाने वाले नाई समाज के प्रति अभद्र टिप्पणी करना पूरे समाज का अपमान है। समाज के लोगों ने कहा कि किसी भी जाति या समुदाय को निशाना बनाकर अश्लील और अभद्र गाने गाना उचित नहीं है। इस तरह के गीतों से सामाजिक सौहार्द प्रभावित होता है।
सरकार से ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने व संबंधित गायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की
उन्होंने बिहार सरकार से ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने और संबंधित गायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। बैठक में निर्णय लिया गया कि एक अक्टूबर को आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। मार्च अरवल मोड़ से शुरू होकर हॉस्पिटल मोड़ और अंबेडकर चौक होते हुए कारगिल चौक पर समाप्त होगा। इसके बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर संबंधित गायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उसे दंडित करने की मांग की जाएगी।
बैठक में कई लोग मौजूद रहे
बैठक में महेश ठाकुर, दिनेश प्रसाद ठाकुर, जितेंद्र ठाकुर, वाल्मीकि ठाकुर, जोगेंद्र ठाकुर, पिंटू ठाकुर, दीपक लाल ठाकुर, नलिन ठाकुर, राम प्रसन्न ठाकुर, डॉ. कामेश्वर ठाकुर, परशुराम ठाकुर, उमेश ठाकुर, गौतम ठाकुर, अनुज ठाकुर, राजकुमार ठाकुर, धनंजय ठाकुर, लक्ष्मण ठाकुर, रामानुज ठाकुर, सूर्यदेव ठाकुर और गोविंद ठाकुर सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
जहानाबाद से बरुण कुमार की रिपोर्ट