सरकारी कामकाज में लापरवाही पर DM का बड़ा एक्शन, तीन राजस्व कर्मियों की वेतनवृद्धि पर लगी रोक

सरकारी कार्यों में लापरवाही, राजस्व अभिलेखों में अनियमितता और नियमों की अनदेखी करने वाले कर्मियों के खिलाफ गोपालगंज के जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने सख्त रुख अपनाया है। तीन राजस्व कर्मियों की वेतनवृद्धि पर दो से तीन वर्षों तक रोक लगा दी गई है।

गोपालगंज। सरकारी कार्यों में लापरवाही, राजस्व अभिलेखों में अनियमितता और नियमों की अनदेखी करने वाले कर्मियों के खिलाफ गोपालगंज के जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने सख्त रुख अपनाया है। राजस्व कार्यों में गंभीर गड़बड़ी पाए जाने पर तीन राजस्व कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए उनकी वेतनवृद्धि पर दो से तीन वर्षों तक रोक लगा दी गई है।

प्रशासन की इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। खासकर सरकारी जमीन को गलत तरीके से रैयती भूमि दर्शाने और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में मनमानी करने के मामलों को गंभीरता से लिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी बब्लू कुमार पासवान, कुचायकोट द्वारा गंडक नहर की सरकारी जमीन को रैयती भूमि बताकर दाखिल-खारिज की संस्तुति की गई थी। इस गंभीर अनियमितता पर डीएम ने उनकी वेतनवृद्धि पर तीन वर्षों तक संचयी प्रभाव के बिना रोक लगा दी है।

वहीं, इसी मामले में तत्कालीन प्रभारी अंचल निरीक्षक विनोद राय पर भी कार्रवाई हुई है। उन पर बिना स्वतंत्र जांच किए सरकारी जमीन के दाखिल-खारिज की संस्तुति देने का आरोप था। इस मामले में उनकी भी तीन वर्षों तक वेतनवृद्धि रोकने का आदेश दिया गया है।

तीसरी कार्रवाई तत्कालीन राजस्व कर्मचारी मो. शाहिद हुसैन के विरुद्ध की गई है, जो नगर परिषद गोपालगंज में पदस्थापित थे और वर्तमान में विजयीपुर में निलंबित हैं। वहीं विजयीपुर से मिली जानकारी के अनुसार इस राजस्व कर्मचारी का कार्य विजयीपुर में भी संदिग्ध रहा, वर्तमान समय में विजयीपुर प्रखंड मुख्यालय में कम ज्यादा तर सीमावर्ती उत्तर प्रदेश में नजर आते हैं, वर्तमान में उन पर दाखिल-खारिज के मामलों में अनियमितता बरतने के साथ 18 वादों में 251 बार 'SKIPPED' कर FIFO (First In, First Out) नियम का उल्लंघन करने का मामला सामने आया। इस पर दाखिल-खारिज की अनियमितताओं के लिए दो वर्ष तथा FIFO नियम के उल्लंघन के लिए तीन वर्ष तक वेतनवृद्धि पर संचयी प्रभाव के बिना रोक लगाई गई है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि का संरक्षण, दाखिल-खारिज मामलों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी निष्पादन और निर्धारित नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीएम ने सभी राजस्व पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ करने तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

संदेश साफ है-सरकारी जमीन के मामलों में मनमानी और राजस्व कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

गोपालगंज से शंकर जी की रिपोर्ट