गयाजी: मोक्षभूमि गयाजी में चल रहे पितृपक्ष के अवसर पर मंगलवार को अनोखा दृश्य देखने को मिला। दरअसल शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण किया। इस दौरान वह काफी भावुक दिखीं। स्मिता ठाकरे ने अपने ससुर बाल ठाकरे, पिता मधुकर चित्रे और सास की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया।
पिंडदान के बाद मीडिया से बातें करते हुए स्मिता ठाकरे ने कहा कि महिलाएं भी अपने पितरों का तर्पण कर सकती हैं, इसकी प्रेरणा उनको माता सीता की कथा से मिली। उन्होंने यह भी कहा कि गर्व से कहो हम हिंदू हैं। गयाजी में पिंडदान और तर्पण के लिए उन्होंने गयाजी की पावन धरती, पंडा समाज, स्थानीय प्रशासन के साथ स्थानीय लोगों के प्रति अपना आभार जताया।
उनका कहना था कि बहुत कम लोगों को गयाजी में आने का सौभाग्य मिलता है। यहां आने के लिए स्मिता ठाकरे ने अपने श्रीगुरुजी, श्री श्री तुलसी जी महाराज और अन्य संतों का आभार जताया। उनका कहना था कि वह अपने गुरु के विचारों से प्रभावित रही हैं और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास करती हैं। यहां आने के बाद इस पवित्र धरती को जानने और परंपरा तथा संस्कृति को समझने का मौका मिला।
राजनीति में आने से जुडे सवाल पर उनका कहना था कि वह समाजसेवा के द्वारा लोगों की सेवा करती हैं। राजनीति से सीधा ताल्लुक नहीं रहा है। हालांकि उनका कहना था कि बाल ठाकरे हमेशा ईमानदारी से काम करने और समाज के हर वर्ग की सेवा करने की सीख देते थे। अपनी बातों के दौर में उन्होंने कहा कि बालासाहेब सनातन और हिंदुत्व को लेकर अपने विचारों को स्पष्ट रखते थे। उन्होंने सनातन और राष्ट्र सेवा से जुड़े विचारों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी सराहना की।