बड़ी ख़बर बगहा से है, जहां लौकरिया थाना क्षेत्र के हरनाटांड़ बाजार में स्थित खतियानी जमीन पर गसबन कब्ज़ा क़र अवैध निर्माण का मामला तूल पकड़ने लगा है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि खतियानी जमीन पर दूसरे पक्ष के लोगों नें कब्ज़ा क़र अवैध निर्माण जारी रखा है। लिहाजा शिकायत के बाद ज़िला प्रशासन के निर्देश पर भूमि पैमाइश में अंचल कर्मियों के पसीने छूट रहे हैं, यहीं वज़ह है की देरी से मिलने वाला न्याय अन्याय के बराबर होता है इस चिंता में पीड़ित पक्ष न्याय के लिए दर बदर भटक रहा है तभी तो स्थिति तनावपूर्ण बनी हुईं है।
बताया जा रहा है कि बगहा के लौकरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत हरनाटांड़ में लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद के समाधान को लेकर अंचल प्रशासन ने एक बार फिर कार्रवाई तेज कर दी है। पूर्व में अधूरी रह गई भूमि की पैमाइश को पूरा कराने के लिए सरकारी अमीन को ज़िला प्रशासन की ओर से दो दिनों के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है। जिसके बाद सरकारी अमीन अनिल कुमार यादव मौके पर पहुंचकर विवादित भूमि का सीमांकन, चौहद्दी की सत्यता और वास्तविक स्थिति की जांच कर रहे हैं।
बता दें कि करोड़ों की जमीन का यह विवाद हरनाटांड़ मौजा के खाता संख्या-10, खेसरा संख्या-335 की 72.5 डिसमिल जमीन से जुड़ा हुआ है, जहां पीड़ित पक्ष औऱ वादी हिफाजत करीम ने अपनी हिस्सेदारी की भूमि पर अवैध कब्जा समेत भवन निर्माण कराने का आरोप लगाया है। इससे पहले 14 जुलाई को भी जिला प्रशासन के निर्देश पर भारी पुलिस बल और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में विवादित जमीन की पैमाइश शुरू कराई गई थी, लेकिन विरोध के बाद भूमि की मापी पूरी नहीं हो सकी थी।
लिहाजा अब एक बार फ़िर अंचल प्रशासन पुराने लैंडमार्क, राजस्व अभिलेखों और क्षेत्र की जानकारी रखने वाले बुजुर्गों के सहयोग से जमीन की सही पहचान कर पैमाइश पूरी करने में पसीने बहा रहें हैं। अंचल अधिकारी वसीम अकरम का कहना है कि मापी पूरी होने के बाद पूरी रिपोर्ट डीसीएलआर और वरीय अधिकारियों को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं फ़िलहाल वादी हिफाजत करीम ने उम्मीद जताई है कि निष्पक्ष पैमाइश के बाद उन्हें न्याय मिलेगा और लंबे समय से चला आ रहा भूमि विवाद समाप्त होगा। अब देखना होगा कि 48 घंटों की मोहलत में सरकारी अमीन के साथ अंचल प्रशासन भूमि पैमाइश समेत मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।
बगहा से परवेज आलम की रिपोर्ट