नेपाल में हुईं भारी वर्षा के कारण गंडक नदी के जलस्तर में हुई बेतहाशा वृद्धि औऱ पश्चिम चम्पारण जिले में आईं बाढ़ से महज़ 24 घंटे में जिले के चार बांध टूटने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बैरिया बथनाहा पहुंचे। वहीं मंत्री नंदकिशोर राम ने आज प्रशासन के साथ बगहा में बाढ़ समीक्षात्मक बैठक की।
नेपाल में हुईं भारी वर्षा के कारण गंडक नदी के जलस्तर में हुई बेतहाशा वृद्धि औऱ पश्चिम चम्पारण जिले में आईं बाढ़ से मची हाहाकार समेत एक साथ महज़ 24 घंटे में जिले के चार बांध टूटने पर जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बैरिया बथनाहा पहुंचे। वहीं बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री नंदकिशोर राम ने आज प्रशासन के साथ बगहा में बाढ़ समीक्षात्मक बैठक की।
दरअसल आपदा में हुईं प्रशासनिक चूक औऱ जनप्रतिनिधियों द्वारा क्रेडिट लेने की शिकायत को लेकर मंत्री के तेवर तल्ख थे और सख्ती से उन्होंने बाढ़ राहत सामग्री समेत कम्युनिटी किचन और मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए। मंत्री नें साफ़ किया है कि सरकारी व्यवस्थाओं समेत पीड़ितों की सुविधाओं में और तेजी लाई जाये नहीं तों जिम्मेवार अधिकारियों पर दण्डात्मक कार्रवाई होंगी।
वहीं मंत्री ने दावा किया है कि चंपारण तटबंध टूटने में जो भी कमी-कोताही हुई है या फिर जिन अभियंताओं द्वारा लापरवाही हुई होगी, जांच में दोषी पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी। समीक्षा के दौरान बगहा सदर विधायक राम सिंह ने भी कमी कोताही हरगिज़ बर्दास्त नहीं करने का अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया। मंत्री नंदकिशोर राम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से प्रभावित किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर उन्हें उचित क्षतिपूर्ति दी जाएगी।
वहीं, जिनके घर ढह गए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के तहत नया मकान शीघ्र हीं उपलब्ध कराया जाएगा। ख़ुद उपमुख्यमंत्री ने चंपारण तटबंध के रात में टूटने पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों या तटबंध को नुकसान पहुँचाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ भी जाँच के बाद सख्त कार्रवाई होगी।
इसके अलावा, प्रभावित इलाकों में सरकारी खर्च पर 'कम्युनिटी किचन' के जरिए मुफ्त भोजन की व्यवस्था की गई है जिसका क्रेडिट स्थानीय जनप्रतिनिधि लें रहें हैं। जो बिल्कुल ग़लत है ऐसे सरकार की छवि धूमिल करने वाले चिन्हित किये जा रहें हैं । विपक्षी नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में राज्य की पूरी जनता के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ने पर क्षेत्र को बाढ़ ग्रस्त ज़िला भी घोषित किया जाएगा।
इधर बगहा एसडीएम चाँदनी कुमारी ने बताया कि इंडो नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर गंडक बराज से पानी का डिस्चार्ज घटकर सवा लाख क्यूसेक होने से जलजमाव वाले क्षेत्रों में राहत मिली है। रजवटिया स्थित टूटे बांध की मरम्मत कर आज हीं शाम तक आवागमन चालू कर दिया जाएगा और बथवरिया बांध की मरम्मत कार्य भी युद्धस्तर पर तेजी से जारी है।
प्रशासनिक स्तर पर राहत कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि प्रभावित शहरी वार्डों समेत गांवों को चिह्नित कर 'कम्युनिटी किचन' की संख्या बढ़ाई जा रही है। जिन इलाकों में आवागमन कठिन है, वहाँ सुखा राशन (ड्राई राशन) बाँटा जा रहा है। साथ ही, महामारी औऱ बीमारियों से बचाव के लिए मेडिकल टीमों को गठित क़र आशा कार्यकर्ताओं को अलर्ट पर रखा गया है।
बता दें कि सैलाब का सितम थमा जरूर है लेकिन दियारा के निचले औऱ नदी तट के इलाकों में हजारों लोगों की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं। लिहाजा मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री औऱ विधायक समेत प्रशासन एक्शन मोड में लोगों तक राहत पहुंचाने को लेकर गंभीर है।
बगहा से परवेज आलम की रिपोर्ट