कोईलवर-डोरीगंज फोरलेन पर बालू वाले ट्रकों की रेलमपेल से जाम, छपरा तक पहुंची खाली ट्रकों की कतार

कोईलवर-डोरीगंज फोरलेन पर ट्रकों की लंबी कतार और बालू लदे ट्रकों की रेलमपेल से सड़क पर जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है. खाली और लोड ट्रकों द्वारा आगे निकलने की होड़ में आगे चल रहे ट्रकों से ओवरटेक किए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

आरा/कोईलवर: कोईलवर-डोरीगंज फोरलेन पर ट्रकों की लंबी कतार और बालू लदे ट्रकों की रेलमपेल से सड़क पर जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है. खाली और लोड ट्रकों द्वारा आगे निकलने की होड़ में आगे चल रहे ट्रकों से ओवरटेक किए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है. स्थिति यह है कि रविवार को खाली ट्रकों की कतार जाम की वजह से छपरा शहर तक पहुंच गई. इससे इस फोरलेन सड़क पर वाहनों के परिचालन और आम लोगों के आवागमन में परेशानी बढ़ गई है.

ओवरटेक की होड़ से बिगड़ रही व्यवस्था

कोईलवर-डोरीगंज फोरलेन पर बालू लदे ट्रकों की लगातार आवाजाही होती है. इसके साथ ही खाली ट्रकों की बड़ी संख्या भी सड़क पर रहती है. खाली और लोड ट्रकों के चालक अपने आगे कतार में चल रहे ट्रकों से आगे निकलने के प्रयास में एक-दूसरे को ओवरटेक करते हैं. इससे सड़क पर वाहनों की रफ्तार तो प्रभावित होती ही है ,धीरे-धीरे जाम की स्थिति बन जाती है. कई बार यह समस्या दुर्घटना का भी कारण बन जाता है. 

अभी तीन दिन पहले ही महमहदपुर के पास ओवरटेक करने के चक्कर मे एक बालू लदे ट्रक ने साइकिल सवार को रौंद दिया जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. इधर ट्रकों की लंबी कतार लगने के बाद पीछे से आने वाले अन्य वाहनों को भी निकलने का रास्ता नहीं मिल पाता है. इसका खामियाजा छोटे वाहन चालकों और आम राहगीरों को भुगतना पड़ता है.हालात यह है कि इलाके के स्कुलो द्वारा संचालित स्कूल बस भी बच्चों को लेकर समय से स्कूल नहीं पहुँच पा रहे है.साथ ही किसी आपात स्थिति में एम्बुलेंस या अन्य मेडिकल सेवाएं भी ससमय लोगों को उपलब्ध नही हो पा रहा है.

छपरा शहर तक पहुंची खाली ट्रकों की कतार

रविवार को जाम की स्थिति काफी गंभीर रही. खाली ट्रकों की कतार छपरा शहर तक पहुंच गई थी. इतनी लंबी कतार से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस मार्ग पर वाहनों का दबाव किस कदर बढ़ गया है. ट्रकों की लगातार आवाजाही और आगे निकलने की होड़ के कारण यातायात सामान्य होने में भी परेशानी होती है. लंबी दूरी तक वाहनों के फंसे रहने से चालकों को समय और ईंधन दोनों का नुकसान उठाना पड़ता है.

एनएच और टोलप्लाज़ा भी हो रहा है प्रभावित

कोईलवर-डोरीगंज फोरलेन पर जाम की वजह से बालू लदी ट्रकों का रेला मनभावन चौक से पटना-बक्सर एनएच पर भी पसर रहा है.इसकी वजह से एनएच का एक लेन तो प्रभावित  रहता ही है टोलप्लाज़ा पर भी जाम लग जाता है.इधर एनएच का एक लेन जाम रहने की वजह से दूसरे लेन से ही अप और डाउन दोनो तरफ की गाड़ियां चलने लगता है.इस वजह से दूसरी लेन भी जाम हो जाता है.

आम राहगीरों को भी झेलनी पड़ रही परेशानी

फोरलेन पर ट्रकों की रेलमपेल और जाम का असर केवल बालू लदे वाहनों तक ही सीमित नहीं है. इस मार्ग से गुजरने वाले छोटे वाहन, दोपहिया वाहन, एम्बुलेंस, स्कूली वाहन,और अन्य राहगीर भी प्रभावित हो रहे हैं. जाम के दौरान वाहनों की गति धीमी पड़ जाती है और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगता है. सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है.

यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत

लगातार लग रहे जाम से निजात दिलाने के लिए इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है. खाली और बालू लदे ट्रकों के अनियंत्रित परिचालन तथा ओवरटेक की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के बिना जाम से राहत मिलना मुश्किल है. सड़क पर नियमित निगरानी और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कर ही इस समस्या को कम किया जा सकता है.

आरा/कोईलवर से दीपक गुप्ता की रिपोर्ट